Category: चमोली

  • नगरासू गुरुद्वारा प्रकरणः तीसरी मंजिल पर बैठे दो और निहंगों ने खत्म किया धरना

    देहरादून। नगरासू गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर डटे निहंगों में से सोमवार को दो और निहंग नीचे उतर आए। नीचे आए निहंगों की पहचान परमवीर सिंह (33 वर्ष), निवासी मलकपुर, जिला रूपनगर (रूपड़), पंजाब तथा जगनदीप सिंह के रूप में हुई है। इससे पहले एक निहंग रविवार को ही नीचे उतर चुका था। तीन निहंगों के नीचे आने के बाद अब गुरुद्वारे के भीतर चार निहंग ही मौजूद हैं।
    गौरतलब है कि नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से शुरू हुआ विवाद रविवार शाम करीब 27 घंटे बाद कुछ हद तक शांत हुआ था। इस दौरान जिला प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। निहंग कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
    प्रशासन की ओर से लगातार संवाद की प्रक्रिया जारी है। रविवार शाम हुई बातचीत के बाद बंधक बनाए गए सेवादार नवतेज सिंह को सुरक्षित रिहा कर दिया गया था। साथ ही एक निहंग ने भी नीचे उतरने का फैसला लिया था।
    सोमवार को दो और निहंगों के नीचे आने के बाद गुरुद्वारे के अंदर मौजूद निहंगों की संख्या घटकर चार रह गई है। प्रशासन शेष निहंगों को भी शांतिपूर्ण ढंग से नीचे लाने के प्रयास में जुटा हुआ है। इस बीच गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही और नियमित अरदास का क्रम भी पुनः शुरू हो गया है।
    पुलिस प्रशासन के अनुसार यह मामला आपसी विवाद के चलते उत्पन्न हुआ था। शुरुआती जानकारी में सामने आया था कि सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चले गए थे और उन्होंने सेवादार समेत दो लोगों को अपने कब्जे में ले लिया था।
    स्थिति को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस सहित अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि बातचीत के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।

  • उत्तराखंड में एक जून से सैलानी कर सकेंगे वैली ऑफ फ्लावर का दीदार

    चमोली। विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी को आम पर्यटकों के लिए 1 जून से खुलने को तैयार है। जहां पार्क प्रशासन ने घाटी के पैदल संपर्क मार्ग सुचारु कर दिया है। वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज ऑफिसर चेतना कांडपाल ने घाटी का निरीक्षण करते हुए जानकारी दी है कि घाटी के प्रवेश द्वार को 1 जून को प्रकृति प्रेमियों के लिए खोल दिए जाएंगे।
    चेतना कांडपाल ने बताया कि, पार्क कर्मियों घाटी की लगातार गश्त कर निगरानी कर रहे है, घाटी में शीतकाल में बर्फबारी से टूटे पैदल क्षतीग्रस्त रास्तों को दुरस्त किया गया है। साथ ही बामन धोड और स्यूचंद नाले में अस्थाई पुलिया भी बन कर तैयार है। वहीं इस बार फूलों की घाटी की सैर के दौरान पर्यटक घोसा नाले और लेगी नाले में हिमखंड का दीदार भी कर सकेंगे। अब सिर्फ इंतजार है तो फूलों की घाटी के खुलने का, इसके लिए पार्क प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम कर दिए हैं। फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष एक जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। यहां जैव विविधता का खजाना बिखरा पड़ा है।
    बता दें यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहरों में शामिल की गई फूलों की घाटी में प्रतिवर्ष 300 से अधिक प्रजातियों के हिमालयी पुष्प खिलते हैं। यहां फूल जून के मध्य से अगस्त तक के मध्य तक खिलते हैं। ऐसे में इन दिनों फूलों की घाटी में विभिन्न प्रजाति के हिमालयी फूल खिल गये हैं। समुद्रतल से करीब 12995 फीट की ऊंचाई पर स्थित है विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क चमोली जनपद में समुद्रतल से 12 हजार 995 फीट की ऊंचाई पर करीब 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के तहत आती है।
    यहां दुर्लभ प्रजाति के रंग-बिरंगी तितलियां, हर्बल जड़ी-बूटियां व बेस कीमती जीवन दायिनी वनस्पतियां, प्राकृतिक झरनों के साथ रतवान ग्लेशियर से निकल कर घाटी के मध्य बहने वाली पुष्पावती नदी और दूर-दूर तक फैले ग्लेशियर, ऊंचे बर्फीले पहाड़ घाटी का सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। वहीं ट्रैकिंग के शौकीन 17 किमी लंबे कुंठ खाल हनुमान चट्टी तक ट्रेक कर सकते हैं।
    चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर का हर साल दीदार करने के लिए बड़ी तादाद में सैलानी पहुंचते हैं। यहां खिले रंग बिरंगे फूल सैलानियों को बरबस ही लोगों को आकर्षित करते हैं। फूलों की घाटी आने के लिए आपको चमोली जिले में प्रवेश करना होगा। चमोली जिले तक जाने के लिए आपको ऋषिकेश तक ट्रेन या हवाई जहाज से देहरादून आना होगा। सैलानी जिसके बाद सड़क मार्ग से चमोली जिले तक पहुंच सकते हैं। चमोली से सैलानी 19 किमी का सफर कर गोविंदघाट से फूलों की घाटी तक पहुंच सकते हैं।

  •  हिमालयी क्षेत्र कंचनगंगा में टूटा ग्लेशियर,नुकसान की कोई सूचना नही

    चमोली। रविवार सुबह उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बदरीनाथ धाम के निकट कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना हुई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
    स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए रखी है। बताया जा रहा है कि गर्मी बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगते हैं, जिसके चलते इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं। चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हर साल यह ग्लेशियर धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकता है और आगे चलकर कंचनगंगा क्षेत्र में आकर रुक जाता है।जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन से किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तथा इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। संबंधित स्थान पर हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात एवं आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।  प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।

  • नदी में तैरता मिला लापता व्यक्ति का शव,हत्या की आशंका

    चमोली। रविवार सुबह  गैरसैंण विकासखंड क्षेत्र के देवपुरी गांव से पिछले छह दिनों से लापता व्यक्ति का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता मिला। शव के बंधे होने और शरीर पर घाव के निशान होने से उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
    मिली जानकारी के अनुसार  देवपुरी गांव के चिनुड़ीछानी तोक निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र पुष्कर सिंह पिछले 18 मई की सुबह घर से काम पर जाने के बाद से ही लापता था। शुरुआती ढूंढ खोज के बाद परिजनों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई,तब अनहोनी की आशंका को लेकर पुलिस विभाग की डॉग स्क्वायड टीम द्वारा दो दिनों तक ग्रामीणों की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया गया था। लेकिन तब लापता व्यक्ति का कोई भी सुराग नहीं लग पाया था। वहीं ग्रामीणों को जब लापता राजेंद्र सिंह का शव घर से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर खनसर नदी में तैरता हुआ मिला तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई, इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए शव के ग्रामीणों द्वारा पहले ही सर्च किए जा चुके इलाके में मिलने से पुलिस कोतवाल मनोज सिरौला ने पंचनामा भरने से पहले फॉरेंसिक टीम व फील्ड यूनिट को भी बुलाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशों पर श्रीनगर से फॉरेसिंक टीम व जिला मुख्यालय गोपेश्वर से फील्ड यूनिट को मौके के लिए रवाना किया गया। कोतवाल मनोज सिरौला ने बताया कि फॉरेसिंक टीम द्वारा मौके पर पंहुचकर जरूरी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। जिसके बाद शव का पंचनामा भर लिया गया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
  • केदारनाथ में संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा, धारदार हथियार और खिलौना बंदूक बरामद

    चमोली : केदारनाथ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है। सीओ केदारनाथ नितिन लोहानी ने बताया कि 6 मई 2026 की शाम पुलिस टीम द्वारा टेंटों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के पास से दो धारदार हथियार और दो खिलौना बंदूकें बरामद हुईं।
    प्रारंभिक जांच में पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति रायबरेली का निवासी है। पुलिस द्वारा उसके परिजनों से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    पुलिस ने यह भी बताया कि जिस टेंट संचालक ने बिना वैध पहचान पत्र के उक्त व्यक्ति को ठहराया था, उसके खिलाफ भी नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।
    रुद्रप्रयाग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

  • किसान का बेटा भारतीय सेना में बना अफसर

    देहरादून। चमोली जिले की थराली तहसील के ग्राम रतगाँव के निवासी राहुल फरस्वाण भारतीय सेना में अधिकारी बन गए हैं। उन्होंने बीते शनिवार को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) से पासिंग आउट परेड के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा कर लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में कदम रखा। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। राहुल फरस्वाण ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। उनकी प्राथमिक शिक्षा श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल एंव उच्च शिक्षा डी. ए. वि पिजी कॉलेज देहरादून से हुई है |

    उनका कहना है कि कभी हार न मानने की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता से ही मिली है। राहुल ने बताया कि उनके पिता का देहांत छह महीने पहले हो गया था। उनके स्वर्गीय पिताजी पूर्व प्रधान रतगाँव भी रह चुके हैं. | उनकी माता ने परिवार और खेती की जिम्मेदारी संभालते हुए बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। राहुल के बड़े भाई शिक्षक हैं और उनकी बहन होटल इंडस्ट्री में कार्यरत हैं।
    अपने पिता के सपनों को पूरा करने पर आज पूरा परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनके पिताजी आज इस संसार में नहीं हैं. परंतु उनका आशीर्वाद सभी पर बना रहेगा |

  • बजट सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष का प्रदर्शन

    गैरसैण। उत्तराखंड के बजट सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में विधानसभा गैर सेंड के बाहर प्रदर्शन किया तथा सरकार से विधानसभा सत्र को लगभग 30 दिन तक चलने की मांग की विपक्ष के नेताओं का कहना था की प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार संसदीय परंपराओं को तक पर रख रही है और बजट सत्र मात्र 5 दिन का चलाकर केवल खाना पूर्ति करने का काम कर रही है।
    नेता विपक्ष यशपाल आर्य का कहना था कि के संसदीय इतिहास में इस बजट सत्र में का यह कल दिन है कि जिस दिन राज्यपाल का अभी भाषण होता है वह सभी भाषण पर दो दिन तक चर्चा करने की परंपरा है लेकिन प्रदेश सरकार राज्यपाल के अभी भाषण के बाद ही प्रदेश का बजट रखने का जा रही है जिससे संसदीय परंपराओं का पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है।
    विधानसभा में उप नेता भवन कापड़ी का कहना है की प्रदेश की सरकार के मुखिया के पास 40 विभाग हैं और वह अपने विभागों से जुड़े सवालों से बचने का प्रयास करते हैं और यदि उनके विभाग का सवाल लगाया जाता है तो वैसे विभाग का जवाब तक नहीं देते हैं जिससे जनता की समस्याओं को विपक्ष तो उठाता है लेकिन सरकार जो है उन पर जवाब देने से बचती है।

    गैरसैण। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होते ही विपक्ष ने प्रदेश सरकार की संसदीय परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष एक तरफ हंगामा करता रहा वहीं राज्यपाल अपना अभी भूषण लगातार पढ़ते रहे। विपक्ष के विधायक राज्यपाल के अभी भाषण के दौरान गैलरी में आ रहा है और गैलरी में शक्तियां लेकर प्रदर्शन करते रहे। विपक्ष के प्रदर्शन से सरकार और सत्ता पक्ष के विधायक एहसजी नजर आए।

    गैरसैंण। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा के अंदर जाने से पहले विधानसभा के सीडीओ पर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी विधायकों के पास पहुंचे और उनके द्वारा विपक्षी विधायकों से सदन चलाने में सहयोग देने का अनुरोध किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा विपक्ष से सहयोग मांगने के दौरान भी कुछ विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी राज्य बजट को लेकर बड़ा उत्साह व्यक्त किया है। उन्होंने इसे एक “शानदार” बजट बताया, जो समाज के हर वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरेगा। सीएम ने कहा कि इस बजट को तैयार करने के लिए विभिन्न हितधारकों, समूहों और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों से सुझाव लिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट न केवल विकासोन्मुखी होगा, बल्कि समावेशी भी होगा, जिसमें हर तबके के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और सदन की अवधि पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सदन का एक-एक मिनट कीमती है क्योंकि इसमें जनता का पैसा और सरकारी संसाधन लगते हैं। सीएम धामी ने विपक्ष को चर्चा के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि जितनी अधिक चर्चा होगी, उतना ही बेहतर परिणाम सामने आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा में कोई कटौती नहीं की जाएगी और दोपहर 3 बजे बजट पेश होने के साथ ही इसकी पूरी तस्वीर सबके सामने साफ़ हो जाएगी

  • भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली मैराथन 2 घंटे 43 मिनट में पूरी कर जीता सिल्वर मेडल

    चमोली/पौड़ी गढ़वाल: रविवार उत्तराखंड के लिए खुशखबरी लेकर आया। रविवार को दिल्ली मैराथन का आयोजन हुआ। उत्तराखंड की भागीरथी बिष्ट ने फुल मैराथन में दूसरा स्थान हासिल ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। नेशनल और हैदराबाद मैराथन विनर भागीरथी की इस सफलता से उनके गृह क्षेत्र चमोली के देवाल में खुशी की लहर है।
    उत्तराखंड की भागीरथी बिष्ट ने रविवार को हुई दिल्ली मैराथन में महिला वर्ग में 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे 43 मिनट में पूरी की। इस तरह भागीरथी ने रजत पदक अपने नाम किया। दिल्ली मैराथन का ये 11वां एडिशन का आयोजन हुआ । इससे पहले उत्तराखंड के ही नितिन रावत भी ये मैराथन जीत चुके हैं।
    भागीरथी बिष्ट का जन्म उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल स्थित वाण गांव में हुआ। जब वो सिर्फ 3 साल की थीं तो असमय पिता का निधन हो गया। पिता किसान थे तो परिवार के लिए बहुत कठिन समय आ गया। मां ने बेटी को किसी तरह पाल-पोसकर बड़ा किया. भागीरथी स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेती थीं। इससे उनके मन में खेलों की दुनिया में ही करियर बनाने का सपना पलने लगा। जब वो उच्च शिक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश गईं, तो वहां कोच सुनील शर्मा ने उनके खेल करियर को उड़ान दे दी।
    भागीरथी बिष्ट ने सबसे पहले हिमाचल में कॉलेज की जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता पाना शुरू किया। इस दौरान कठिन प्रशिक्षण का दौर चलता रहा। भागीरथी के कोच सुनील शर्मा ने बताया कि वो लोग प्रशिक्षण के लिए सुबह 3 बजे उठते और 8 बजे तक अभ्यास चलता रहता। फिर शाम में भी 3 बजे से 7 बजे तक अभ्यास होता। इस तैयारी ने भागीरथी बिष्ट को लंबी दूरी की धावक के रूप में तैयार कर दिया। राष्ट्रीय स्तर पर भागीरथी ने सबसे पहले 2025 में हाफ मैराथन जीतकर अपने आने की आहट दे दी।
    इसके बाद इसी साल भागीरथी नेशनल मैराथन 2025 की विनर बनीं। इसी साल सफलता का ग्राफ और बढ़ा और उन्होंने हैदराबाद मैराथन 2025 भी जीत ली। हैदराबाद मैराथन में भागीरथी बिष्ट ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे 51 मिनट में पूरी की थी। ठीक एक साल बाद 22 फरवरी 2026 को जब उन्होंने दिल्ली मैराथन में सिल्वर मेडल जीता, तो उनका समय 2 घंटे 43 मिनट रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस एक साल में भागीरथी बिष्ट और उनके कोच सुनील शर्मा ने कितनी मेहनत की।
    भागीरथी बिष्ट को उम्मीद है कि दिल्ली मैराथन में 2 घंटे 43 मिनट के समय के साथ उन्हें एशियम गेम्स के लिए चुन लिया जाएगा। आगे वो एशियन गेम्स की तैयारी में ही लग रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि वो आगे अच्छा करेंगी और देश के साथ ही प्रदेश का नाम रोशन करेंगी. ट्रैक पर भागीरथी के सफलताओं ने उन्हें फ्लाइंग गर्ल का नाम दे दिया।
    भागीरथी बिष्ट को करीब 6 साल से ट्रेनिंग दे रहे उनके कोच सुनील शर्मा भी अपनी शिष्या की सफलता से खुश नजर आए। उनका कहना है कि लड़कियों के लिए इस बार क्राइटेरिया टफ कर दिया गया था। सुनील ने भागीरथी को 4 साल हिमाचल में ट्रेनिंग दी। पिछले 2 साल से वो देश के सबसे हाई एल्टीट्यूड वाले ट्रेनिंग सेंटर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित रांसी स्टेडियम में ट्रेनिंग दे रहे हैं।
    कोच सुनील शर्मा ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि भागीरथी बिष्ट में नेशनल के साथ ही इंटरनेशनल लेवल पर सफलता पाने की अपार संभावनाएं हैं। अगर उसने कड़ा अभ्यास और अनुशासन बनाए रखा, तो वो दिन दूर नहीं जब वो देश के लिए इंटरनेशनल मेडल भी लाएंगी।
    जब कोच सुनील शर्मा से पूछा गया कि हमारे देश में विश्व स्तरीय नियमित मेडल लाने वाले एथलीट क्यों नहीं आ पा रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि एशियन, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक मेडल चाहिए तो गांवों में टेलेंट ढूंढना चाहिए। गांव के लड़के-लड़कियों में कठिन श्रम करने के कारण दमखम ज्यादा होता है। उन्हें प्रॉपर गाइडेंस नहीं मिल पाती है, जिस कारण हमारा वे बेशकीमती टेलेंट बर्बाद हो जाता है। सरकार और खेल संगठनों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

  • नीति माणा जनजाति समागम सम्मेलन में सीएम धामी, पारंपरिक वेशभूषा में आये नजर

    चमोली: सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय समागम सम्मेलन के समापन दिवस पर शिरकत की। इस दौरान उन्होंने जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए समुदाय के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
    जनपद चमोली के बिरही बेड़ू बगड़ में जनजाति समुदाय की ओर से तीन दिवसीय जनजातीय समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन दिवस पर मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी पहुंचे। जहां से वे सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक गए। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे आयोजकों ने गाजे-बाजे की थाप पर पोणा नृत्य करते हुए मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
    आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—शीतकालीन आवास हेतु भूमि का निस्तारण,भोटिया पड़ाव बेड़ू बगड़ की भूमि को जनजातीय हित में संरक्षित करना,गौरा देवी के नाम पर भोटिया पड़ाव में मूर्ति स्थापना,पर्यावरण संरक्षण आधारित पार्क का निर्माण शामिल हैं।
    मुख्यमंत्री पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर भावुक दिखाई दिए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की परंपराएं और संस्कृति विश्व में अपनी अलग पहचान रखती हैं। उन्होंने बताया विभिन्न स्थानों पर भोटिया पड़ाव की भूमि को जनजातीय समुदाय के नाम करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार इस मामले में जल्द निर्णय लेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने जनजातीय विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने जनजातीय समुदाय को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि सीमांत गांव सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इनके विकास के लिए करोड़ों की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिनमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    सीएम धामी ने कहा प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 128 गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां रोजगार के साथ ही बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने जनजातीय समाज के लिए आवंटित होने वाले बजट को बढ़ाकर 3 गुना कर दिया है। आज जनजातीय समुदाय को बुनियादी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है।

     

     

     

     

     

     

  • गौचर मेले का 73वां संस्करण शुरू, सीएम ने किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को 73वां राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला का उद्घाटन किया। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौचर मेला उत्तराखंड के प्रमुख मेलों में से एक है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी सहायक है।
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लोकल फॉर वोकल और मेड इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का उल्लेख किया। उन्होंने आमजन से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील की और कहा कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब फिल्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
    मुख्यमंत्री ने गौचर में पिथौरागढ़ की तर्ज पर 18-सीटर हेलीसेवा शुरू करने, नगर क्षेत्र में चार प्रमुख स्थलों पर पार्किंग सुविधाओं का विकास, तथा साकेत नगर -रघुनाथ मंदिर – चटवापीपल मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा स्टेडियम निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत होने की जानकारी भी दी।
    इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार हरीश मैखुरी को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और शिक्षाविद डॉ. नन्द किशोर हटवाल को पंडित महेशानंद नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित किया गया।
    मेले की पहली गतिविधियों में स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी, क्रास कण्ट्री दौड़, बालक-बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। रात्रि में लोक गायिका डॉ. पम्मी नवल द्वारा जागर संध्या का आयोजन किया गया।
    मेले में थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही।