पौड़ी। उत्तराखण्ड में शिक्षा जगत से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने से तहलका मच गया है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में बड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से विश्वविद्यालय से संबंधित कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े इस बड़े फर्जीवाड़े के मामले का खुलासा तब हुआ जब एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने मार्च 2026 में श्रीनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी और गैरकृसरकारी संस्थानों में कार्यरत अभ्यर्थियों की डिग्रियों और अंकतालिकाओं का सत्यापन विश्वविद्यालय से कराया जा रहा था। जब इन दस्तावेजों का विश्वविद्यालय के मूल रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो कई मार्कशीट और डिग्रियां रिकॉर्ड से मेल नहीं खाईं। जांच में कई ऐसे दस्तावेज भी मिले जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के पास मौजूद नहीं था। विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय के नाम, आधिकारिक मोहर, डिग्री प्रारूप और संबंधित अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर नकली शैक्षणिक दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इन दस्तावेजों का कथित तौर पर नौकरी और अन्य सरकारी कार्यों में उपयोग किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति को जानकारी दी, जिसके बाद श्रीनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर श्रीनगर कोतवाली में सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। कोतवाली श्रीनगर की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पुलिस की मदद से उत्तर प्रदेश के बिजनौर में छापेमारी कर नामजद आरोपी कासिफ कलीम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर तैयार की गई कई फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित डिग्रियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में बीएससी का छात्र था। परीक्षा में असफल होने के बाद उसने खुद को योग्य साबित करने और नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया। पुलिस का मानना है कि यह अकेले व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि एक संगठित फर्जी डिग्री नेटवर्क हो सकता है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि अब तक कितने लोगों ने इन नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नौकरी या अन्य लाभ हासिल किए हैं और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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उत्तराखण्ड में फर्जी डिग्री बनाने वाले रैकेट का खुलासा
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भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली मैराथन 2 घंटे 43 मिनट में पूरी कर जीता सिल्वर मेडल
चमोली/पौड़ी गढ़वाल: रविवार उत्तराखंड के लिए खुशखबरी लेकर आया। रविवार को दिल्ली मैराथन का आयोजन हुआ। उत्तराखंड की भागीरथी बिष्ट ने फुल मैराथन में दूसरा स्थान हासिल ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। नेशनल और हैदराबाद मैराथन विनर भागीरथी की इस सफलता से उनके गृह क्षेत्र चमोली के देवाल में खुशी की लहर है।
उत्तराखंड की भागीरथी बिष्ट ने रविवार को हुई दिल्ली मैराथन में महिला वर्ग में 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे 43 मिनट में पूरी की। इस तरह भागीरथी ने रजत पदक अपने नाम किया। दिल्ली मैराथन का ये 11वां एडिशन का आयोजन हुआ । इससे पहले उत्तराखंड के ही नितिन रावत भी ये मैराथन जीत चुके हैं।
भागीरथी बिष्ट का जन्म उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल स्थित वाण गांव में हुआ। जब वो सिर्फ 3 साल की थीं तो असमय पिता का निधन हो गया। पिता किसान थे तो परिवार के लिए बहुत कठिन समय आ गया। मां ने बेटी को किसी तरह पाल-पोसकर बड़ा किया. भागीरथी स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेती थीं। इससे उनके मन में खेलों की दुनिया में ही करियर बनाने का सपना पलने लगा। जब वो उच्च शिक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश गईं, तो वहां कोच सुनील शर्मा ने उनके खेल करियर को उड़ान दे दी।
भागीरथी बिष्ट ने सबसे पहले हिमाचल में कॉलेज की जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता पाना शुरू किया। इस दौरान कठिन प्रशिक्षण का दौर चलता रहा। भागीरथी के कोच सुनील शर्मा ने बताया कि वो लोग प्रशिक्षण के लिए सुबह 3 बजे उठते और 8 बजे तक अभ्यास चलता रहता। फिर शाम में भी 3 बजे से 7 बजे तक अभ्यास होता। इस तैयारी ने भागीरथी बिष्ट को लंबी दूरी की धावक के रूप में तैयार कर दिया। राष्ट्रीय स्तर पर भागीरथी ने सबसे पहले 2025 में हाफ मैराथन जीतकर अपने आने की आहट दे दी।
इसके बाद इसी साल भागीरथी नेशनल मैराथन 2025 की विनर बनीं। इसी साल सफलता का ग्राफ और बढ़ा और उन्होंने हैदराबाद मैराथन 2025 भी जीत ली। हैदराबाद मैराथन में भागीरथी बिष्ट ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे 51 मिनट में पूरी की थी। ठीक एक साल बाद 22 फरवरी 2026 को जब उन्होंने दिल्ली मैराथन में सिल्वर मेडल जीता, तो उनका समय 2 घंटे 43 मिनट रहा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस एक साल में भागीरथी बिष्ट और उनके कोच सुनील शर्मा ने कितनी मेहनत की।
भागीरथी बिष्ट को उम्मीद है कि दिल्ली मैराथन में 2 घंटे 43 मिनट के समय के साथ उन्हें एशियम गेम्स के लिए चुन लिया जाएगा। आगे वो एशियन गेम्स की तैयारी में ही लग रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि वो आगे अच्छा करेंगी और देश के साथ ही प्रदेश का नाम रोशन करेंगी. ट्रैक पर भागीरथी के सफलताओं ने उन्हें फ्लाइंग गर्ल का नाम दे दिया।
भागीरथी बिष्ट को करीब 6 साल से ट्रेनिंग दे रहे उनके कोच सुनील शर्मा भी अपनी शिष्या की सफलता से खुश नजर आए। उनका कहना है कि लड़कियों के लिए इस बार क्राइटेरिया टफ कर दिया गया था। सुनील ने भागीरथी को 4 साल हिमाचल में ट्रेनिंग दी। पिछले 2 साल से वो देश के सबसे हाई एल्टीट्यूड वाले ट्रेनिंग सेंटर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित रांसी स्टेडियम में ट्रेनिंग दे रहे हैं।
कोच सुनील शर्मा ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा कि भागीरथी बिष्ट में नेशनल के साथ ही इंटरनेशनल लेवल पर सफलता पाने की अपार संभावनाएं हैं। अगर उसने कड़ा अभ्यास और अनुशासन बनाए रखा, तो वो दिन दूर नहीं जब वो देश के लिए इंटरनेशनल मेडल भी लाएंगी।
जब कोच सुनील शर्मा से पूछा गया कि हमारे देश में विश्व स्तरीय नियमित मेडल लाने वाले एथलीट क्यों नहीं आ पा रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि एशियन, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक मेडल चाहिए तो गांवों में टेलेंट ढूंढना चाहिए। गांव के लड़के-लड़कियों में कठिन श्रम करने के कारण दमखम ज्यादा होता है। उन्हें प्रॉपर गाइडेंस नहीं मिल पाती है, जिस कारण हमारा वे बेशकीमती टेलेंट बर्बाद हो जाता है। सरकार और खेल संगठनों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। -
जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका वाले क्षेत्रों में शीघ्र करें झाड़ियां का कटान: महाराज
प्रदेश के पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि राज्य के पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों और उनसे आम जन की सुरक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पंचायत विभाग के अधिकारियों को अनटाइड फंड से रिहायशी इलाकों में ऐसे स्थानों की झाड़ियों को काटवाने के निर्देश दिए गए हैं जहां जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका रहती है। उन्होंने जंगली जानवरों के हमलों में मारे जाने वाले लोगों को 10 लाख की मुआवजा राशि दिये जाने और घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किये जाने के निर्णय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
श्री महाराज ने कहा कि पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को देखते हुए आमजन एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के मध्येनजर पकड़े गए जंगली जानवरों को प्राणी उद्यानों और वनतारा में रखने की व्यवस्था बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए बड़ी-बड़ी संस्थाओं एवं कंपनियों से उनके रखरखाव एवं खान-पान की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को वाहन करने का उनसे अनुरोध किया जा रहा है। क्योंकि एक बाघ को पड़कर यदि किसी भी प्राणी उद्यान में रखा जाता है तो उसके खान-पान एवं रखरखाव पर 20 से 25 लाख रुपए के लगभग वार्षिक खर्च आता है। इसलिए इस तरह की पहल करना आवश्यक है। ताकि आम लोगों के साथ-साथ वन्य जीवों के भी सुरक्षा हो सके। -
मुख्यमंत्री ने बैकुंठ चतुर्दशी मेले का किया वर्चुअल शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को श्रीनगर (गढ़वाल) में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेले के शुभारंभ अवसर पर जनता को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने मेले के सफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए इसे आस्था और सांस्कृतिक लोक परंपराओं का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर में स्थित माँ धारी देवी और भगवान कमलेश्वर महादेव के पौराणिक मंदिर सम्पूर्ण उत्तराखंड की अनमोल धरोहर हैं। बैकुंठ चतुर्दशी का मेला हमें अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और कनेक्टिविटी के साथ-साथ धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं, जबकि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रेल लाइन के पूर्ण होने पर श्रीनगर समेत पूरे गढ़वाल क्षेत्र को रेल कनेक्टिविटी का बड़ा लाभ मिलेगा। श्रीनगर में राज्य सरकार द्वारा 4 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से रोडवेज बस स्टेशन और पार्किंग का निर्माण कराया गया है। अलकनंदा नदी के किनारे गंगा संस्कृति केंद्र, श्रीनगर नगर पालिका का नगर निगम में रूपांतरण, और 37 करोड़ रुपये की लागत से मढ़ी–चौरास–जाखड़ी पंपिंग पेयजल योजना का कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि सरकार श्रीनगर के बेलकेदार–बेलकंडी मार्ग से लगे क्षेत्र में नई टाउनशिप स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र के सभी मोहल्लों तक सीवरेज लाइन पहुंचाने, ट्राइडेंट पार्क निर्माण, पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हैरिटेज भवन के रूप में विकसित करने, धारी देवी मंदिर पैदल मार्ग निर्माण और गोला पार्क सौंदर्यीकरण जैसे कार्य भी प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रीनगर न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से, बल्कि शैक्षणिक दृष्टि से भी प्रदेश का उभरता केंद्र बन रहा है। इस क्षेत्र में पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जा रही है, जिसका भूमि अधिग्रहण कार्य अंतिम चरण में है। साथ ही बेस अस्पताल श्रीनगर में 25 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पौड़ी, चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम के अवसर पर मेयर श्रीमती आरती भंडारी, जिलाधिकारी श्रीमती स्वाति भदौरिया समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे। -
मेडिकल प्रभारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
उत्तराखंड में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिनके खिलाफ विजिलेंस टीम सक्रिय कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मेडिकल प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने अदालीखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में नियुक्त नर्सिंग अधिकारी से उनकी पोस्ट वहीं बनाए रखने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग थी। विजिलेंस की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस टीम ने बताया कि नर्सिंग अधिकारी ने रिश्वत देने से मना किया और मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने ट्रैप के माध्यम से जांच शुरू की। जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने योजना बनाकर आशुतोष त्रिपाठी को पीड़ित से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी के आवास पर चल-अचल संपत्ति की जांच कर रही है। सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी अपने पदीय कर्तव्यों के दौरान रिश्वत मांगता है या आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है तो सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सअप नंबर 9456592300 पर सूचना दें।
बता दें कि हाल ही में चंपावत जिले में भी विजिलेंस टीम ने दो वनकर्मियों को रिश्वत लेते पकड़ा था। दोनों कर्मचारियों को 20-20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। मामले में डीएफओ ने दोनों को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। प्रदेश में इससे पहले भी कई रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारी विजिलेंस टीम की कार्रवाई में फंस चुके हैं।
सतर्कता टीम का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। -
गुलदार आतंक पर सतपाल महाराज के दिए एकेश्वर व पोखड़ा ब्लॉक में पिंजरे लगाने के निर्देश
सतपुली (पौड़ी) चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में लगातार बढ़ रहे गुलदार के आतंक को लेकर अब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी और वन विभाग के अधिकारियों से बात कर एकेश्वर और पोखड़ा ब्लॉक के गुलदार प्रभावित गांवों में तत्काल पिंजरे लगाने के निर्देश दिए।
महाराज ने विशेष रूप से पोखड़ा ब्लॉक के डयूला, देवकुंडई और आसपास के गांवों में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया कि प्रभावित गांवों में पिंजरे पर्याप्त संख्या में लगाएं जाएं ताकि गुलदार को शीघ्र पकड़ा जा सके।
श्री महाराज ने बताया कि वन विभाग की टीमें स्थिति पर पूरी निगरानी रखे हुए हैं।
ट्रेंकुलाइज़र गन वनकर्मियों को सौंपी गई हैं, गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सतर्क और सावधान रहें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें। -
आम जनता तक पहुंचे योजनाओं का लाभ: महाराज
उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार प्रदेश का सर्वांगीण विकास करने के साथ-साथ राज्य को लोककल्याणकारी राज्य बनाने की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार की इन जनकल्याणकारी नीतियों का ही परिणाम है कि इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने के साथ-साथ हर प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।
उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने स्वच्छता ही सेवा-2025 पखवाड़ा के अंतर्गत रविवार को राजकीय डिग्री कॉलेज, चौबट्टाखाल में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए कही। बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रबुद्धजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का अभिनन्दन करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार प्रदेश का विकास करने में लगी है। विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अंतर्गत 2022 के बाद इन तीन वर्षों में प्रथम चरण में 53 किलोमीटर सड़कों की स्वीकृति दी गयी, इनमें से अधिकतर मोटरमार्गों का रोड़ कटान का कार्य हो चुका है।
कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक श्री महाराज ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में द्वितीय चरण में तीस किलोमीटर की सड़कों को स्वीकृति दी गयी जिस पर छब्बीस करोड़ रूपए खर्च किए गए। तीन वर्षों में 9 मोटर मार्गों का डामरीकरण किया गया जिन पर 12 करोड़ 85 लाख रूपए व्यय किए गए। ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा 09 मोटर मार्गों के निर्माण पर 19 करोड़ 41 लाख खर्च किए गए।ग्राम्य विकास विभाग द्वारा स्टेज-3 के अंतर्गत 12 मोटर मागों जिनकी लम्बाई 116 किलोमीटर है का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण पर 65 करोड़ 40 लाख व्यय किये गये हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग गुमखाल से सतपुली तक 04 अरब रूपए का कार्य तेज से गतिमान है। विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में 01 अरब 53 करोड़ की धनराशि की सात पम्पिंग पेयजल योजनाएं स्वीकृति हुई और यह सभी योजनाओं पूर्णता की ओर हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 56 करोड़ 34 लाख की धनराशि से सतपुली झील का निर्माण कार्य चल रहा है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत पर्यटक आवास गृहों का निर्माण अंतिम चरण में है। राजकीय महाविद्यालय चौबट्टाखाल में 02 करोड़ 90 लाख की लागत से बहुउद्देशीय हाल एवं पुस्तकालय भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
बहुउद्देशीय शिविर में कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जलागम, उद्यान, पशुपालन, कृषि, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास आदि विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण किया। जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र एवं समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दिव्यांग को उपकरण वितरित करने के साथ-साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र भी बांटे गए तो वहीं कृषि विभाग के द्वारा भी लोगों को अनुदान प्रमाण पत्र बांटे गए। इससे पूर्व उन्होंने -
पैठाणी रेंज में भालू के आतंक पर काबू पाने के लिए प्रशासन और वन विभाग द्वारा अभियान तेज
जनपद पौड़ी गढ़वाल के पैठाणी रेंज में भालू का आतंक दिन पर दिन आक्रामक होता जा रहा है ,भालू ने अभी तक 12 मवेशियों अपना शिकार बना है ।जिससे ग्रामवासियो और आस पास के छेत्र में भय का माहौल बना हुआ है । जिसको लेकर कई स्थनीय नेताओ द्वारा वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई थी। लेकिन उनके द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। जिसके बाद सोशल मीडिया में अधिकारियों लापरवाही का बखान होने लगा। जिसको लेकर विभागीय मंत्री और उच्च अधिकारियो की नींद खुली और जिसके बाद के आदेश के बाद भालू के आतंक पर काबू पाने के लिए प्रशासन और वन विभाग द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। टीम पैठाणी रेंज के अंतर्गत भालू प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है। भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के साथ ही ड्रोन और ट्रैप कैमरों से निगरानी की जा रही है। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की अनुमति के बाद वन विभाग ने मौके पर ट्रेंकुलाइज स्नाइपर तैनात किए हैं।
पैठाणी रेंज में भालू के हमलों से पिछले दिनों में कई मवेशी मारे गए हैं। जिससे कुचौली, कुडील, कठयूड़ और सौंठ समेत आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं। इन घटनाओं को देखते हुए हुए जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। डीएफओ सिविल पवन नेगी के नेतृत्व में 17 विशेषज्ञों की चार टीमें मौके पर उतारी गयी हैं।
टीम में दो डॉक्टर, दो ट्रेंकुलाइज स्नाइपर और अनुभवी वन्यजीव विशेषज्ञ शामिल हैं। भालू की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एक ड्रोन कैमरा और दस ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही पिंजरे, जाल और कई स्थानों पर मचान भी तैयार किए गए हैं। विभाग लगभग 600 गौशालाओं की निगरानी भी कर रहा है।
डीएफओ पवन नेगी ने बताया कि भालू की लोकेशन स्पष्ट होते ही अभियान और तेज़ होगा तथा आवश्यकता पड़ने पर और प्रोफेशनल स्नाइपर शामिल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ट्रैकिंग और मैपिंग का कार्य तेज़ी से चल रहा है और जल्द ही ग्रामीणों को इस आतंक से राहत दिलाई जाएगी। इस मिशन में स्थानीय युवाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का पूरा लाभ मिल रहा है। -
जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने दिवंगत जीतेन्द्र नेगी के परिजनों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने पौड़ी जिले के तलसारी गांव निवासी दिवंगत जीतेन्द्र नेगी के परिजनों से मुलाकात कर मामले में अभी तक की गयी कार्रवाई की जानकारी दी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जितेंद्र नेगी के परिजनों से फोन पर बातचीत कर गहरा दुःख व्यक्त किया और शोक संवेदनाएँ प्रकट करते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस को मामले की गहन और तत्परता से जांच के निर्देश दिए।ज्ञात हो कि पौड़ी कोतवाली क्षेत्र में युवक जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व, उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कुछ व्यक्तियों पर रुपये ठगने का आरोप लगाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हिमांशु चमोली सहित पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। -
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अमृत सरोवर का निरीक्षण किया
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकास खंड पौड़ी के अयाल गांव पहुंचकर अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने रछुली गांव में नर्सरी का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं तथा उनके समाधान का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर को जल संरक्षण, सिंचाई एवं मत्स्य पालन के रूप में गांव की साझा संपत्ति बताते हुये इसके लाभ समूह के सभी सदस्यों तक समान रूप से पहुंचाने की बात कही। समूह के एक मात्र व्यक्ति द्वारा सरोवर में मछली पालन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि अन्य ग्रामीणों को भी इसमें जोड़े, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकेंगे।
इसके उपरांत जिलाधिकारी डेढ़ किमी पैदल चलकर रछुली गांव भी पहुंचीं, जहां उन्होंने हिमोत्थान के सहयोग से संचालित नर्सरी का निरीक्षण किया। यहां महिला समूह सुगंध पौध, सिट्रस और चारापत्ती प्रजातियों की पौध तैयार कर रहे हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं को पौध रोपण, पौध शिफ्टिंग और देखभाल का प्रशिक्षण दिलाने तथा अन्य स्वरोजगार अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया।
निरीक्षण के दौरान पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, खंड विकास अधिकारी सौरभ हांडा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।