Category: रामनगर

  • उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 शुरू, 2.15 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल

    रामनगर: उत्तराखंड बोर्ड की आज से परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं,इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में कुल 2,15,252 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। जिसके चलते शिक्षा विभाग और बोर्ड प्रशासन द्वारा परीक्षा को नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो सके।
    बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार हाईस्कूल में 1,12,266 और इंटरमीडिएट में 1,02,986 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. परीक्षाएं प्रतिदिन सुबह 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। इससे पहले 16 जनवरी से 15 फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न कराई जा चुकी है। लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और सुरक्षित भंडारण के लिए प्रदेशभर में कुल 39 संग्रह केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुमाऊं मंडल में 13 और गढ़वाल मंडल में 26 केंद्र स्थापित किए गए हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड स्तर पर तीन सचल दलों का गठन किया गया है, जो विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।
    नकल रोकने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 भी लागू कर दी गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके। प्रशासन और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि छात्रों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके। पहले दिन इंटरमीडिएट में ड्राइंग एंड पेंटिंग विषय की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के पहले दिन छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला. कई परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने पूरे साल मेहनत से तैयारी की है। हालांकि प्रश्नपत्र के स्वरूप को लेकर हल्का तनाव भी स्वाभाविक है। इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक संचालित होंगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षाएं 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। बोर्ड और प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित और परिणाम विश्वसनीय रह सके।

     

     

     

  • कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मोबाइल फोन प्रतिबंध

    सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अब कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभी पर्यटन जोनों में सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन साथ रखने की अनुमति नहीं होगी। पार्क प्रशासन ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
    उप निदेशक राहुल मिश्रा ने बताया, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोर हैबिटेट और पर्यटन क्षेत्रों में सफारी के दौरान स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं होगा। पर्यटक केवल प्रॉपर कैमरा जैसे डीएसएलआर कैमरा अपने साथ ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन को प्रवेश द्वार पर ही जमा करना अनिवार्य होगा। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
    वन्यजीव प्रेमी एवं नेचर गाइड संजय छिम्वाल ने बताया कि पहले कुछ घटनाओं के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया। उनका कहना है कि मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो लेने के दौरान कई बार पर्यटक या गाइड वन्यजीवों के करीब चले जाते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा रहता है और जानवर तनाव में आ जाते हैं।
    संजय छिम्वाल ने आगे बताया, कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की सुविधा होने के कारण जानवरों की मूवमेंट की जानकारी साझा की जाती है। इससे किसी विशेष स्थान पर जिप्सियों की भीड़ बढ़ जाती है, जो न केवल वन्यजीवों के लिए, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए भी जोखिमपूर्ण है। यही कारण है कि कॉर्बेट प्रशासन ने मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की कवायद शुरू की है।
    प्रस्तावित व्यवस्था के तहत देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, पंजीकृत टूर गाइड, जिप्सी एवं सफारी वाहन चालक, नेचरलिस्ट, कोर जोन में कार्यरत होटल और लॉज संचालक और पार्क के भीतर प्रवेश करने वाला कोई भी स्टाफ मोबाइल फोन अपने पास नहीं रख सकेगा। नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी जोनों में सफारी के दौरान मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे।

    प्रतिबंधित जोन और सुविधाएँ

    कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में निम्नलिखित पर्यटन जोनों में डे सफारी और नाइट स्टे की सुविधा उपलब्ध है:

    ढिकाला, सर्पदुली, गैरल, सुल्तान, बिजरानी, झिरना, गर्जिया, सोनानदी, दुर्गा देवी, पाखरो, मुंडिया पानी, तराई पश्चिमी का फाटो जोन

    रामनगर वन प्रभाग के सितावनी, पवलगढ़ और कॉर्बेट हेरिटेज सफारी जोन

  • बिहार में बनेगी डबल इंजन की सरकार: धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को नैनीताल जिले के दौरे पर रहे और रामनगर में मीडिया से मुखातिब हुए। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि बिहार की जनता इस बार भी डबल इंजन की सरकार बनाएगी। उनका कहना था कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जो तेजी से विकास कार्य हुए हैं, उसका परिणाम यही है कि जनता भाजपा और एनडीए गठबंधन को प्राथमिकता दे रही है।
    धामी ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व विकास देखा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और हवाई सेवाओं में ऐतिहासिक काम हुए हैं। बिहार की जनता अब जंगलराज से पूरी तरह छुटकारा पा चुकी है और अब सुशासन और विकास को ही आगे बढ़ाना चाहती है। डबल इंजन की सरकारें तेजी से काम कर रही हैं और यही वजह है कि देशभर के लोग विकास और सुशासन के लिए भाजपा की सरकारों पर भरोसा जताते हैं।
    उन्होंने आगे कहा कि बिहार के युवा रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद में हैं और यह तभी संभव है जब राज्य में एनडीए की सरकार बने। मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि बिहार में इस बार भी बड़े बहुमत से एनडीए की सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बनेगी।
    साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर कहा कि यह राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा हम हर उत्तराखंडवासी की जरूरतों को पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। पिछले 25 वर्षों में राज्य ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं और आने वाले 25 वर्ष उत्तराखंड के लिए स्वर्णिम दशक साबित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से उत्तराखंड अगले दशक में अभूतपूर्व विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा और यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
    धामी ने सभी राज्यवासियों से एकजुट होकर राज्य को समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का आह्वान भी किया।
    इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में पूर्व सैनिक सम्मान कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के लिए कई घोषणाएं कीं और दाह संस्कार के लिए 10 हजार रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया।

  • जिम कॉर्बेट: विदेशी सैलानियों का रिकॉर्ड उत्साह

    जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के सबसे रोमांचक और पर्यटकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय ढिकाला जोन में इस साल विदेशी और देशी सैलानियों का उत्साह अभूतपूर्व है। पार्क प्रशासन ने पहली बार विदेशी पर्यटकों के लिए एडवांस बुकिंग 90 दिन पहले शुरू की, और शुरू होते ही सभी नाइट स्टे रूम भर गए। जनवरी 2026 तक विदेशी सैलानियों के लिए सभी 41 कमरे और 20 डॉरमेट्री पूर्णतः बुक हो चुके हैं।
    कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के अनुसार, ढिकाला जोन की एडवांस बुकिंग के पहले ही 200 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने रात्रि विश्राम के लिए अपने कमरे सुरक्षित कर लिए। उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटक अब 18 जनवरी 2026 तक की बुकिंग कर चुके हैं।
    भारतीय पर्यटकों के लिए बुकिंग 45 दिन पहले शुरू हुई थी और दिसंबर 2025 तक देशी पर्यटकों का कोटा भी पूरा भर गया। अब तक 1000 से अधिक भारतीय पर्यटक एडवांस बुकिंग कर चुके हैं।
    मनसून के बाद हर साल 15 नवंबर से खुलने वाला ढिकाला जोन इस बार भी पर्यटकों के लिए तैयार है। यहां जंगल सफारी के साथ रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध है। पर्यटक बंगाल टाइगर, हाथी, भालू, हिरण, मगरमच्छ, विविध पक्षियों और समृद्ध जैव विविधता का अद्भुत अनुभव ले सकते हैं।
    ढिकाला जोन में कुल 41 कमरे हैं। मुख्य ढिकाला कैंप में 28, सुल्तान क्षेत्र में 2, गैरल में 6, खिनानौली में 3 और सर्फदुली में 2 कमरे हैं। इसके अलावा, 20 डॉरमेट्री की सुविधा भी उपलब्ध है। देशी पर्यटकों के लिए दो व्यक्तियों का रूम प्रति रात लगभग 4,000 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 9,000 रुपये निर्धारित है।
    ढिकाला जोन की एडवांस बुकिंग ने रामनगर और आसपास के पर्यटन कारोबारियों का उत्साह बढ़ा दिया है। होटल, गाइड, जीप सफारी ऑपरेटर, हस्तशिल्प विक्रेता और स्थानीय भोजनालय अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद कर सकते हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी सैलानियों की बढ़ती संख्या न केवल कॉर्बेट की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।
    जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान और एशिया का सबसे पुराना टाइगर रिजर्व है। यहां जंगल सफारी का अनुभव रोमांच और शांति से भरपूर है। ढिकाला जोन का जंगल, ग्रासलैंड और रामगंगा नदी का संगम पर्यटकों को प्रकृति के वास्तविक सौंदर्य का अनुभव कराता है। बंगाल टाइगर को उसकी प्राकृतिक आवास में देखना, यहां की जैव विविधता और सुंदरता पर्यटकों की स्मृति में जीवनभर अंकित रहती है।
    इस बार ढिकाला जोन में रिकॉर्ड बुकिंग ने यह साबित कर दिया है कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। विदेशी और देशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या न केवल रामनगर के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत के संरक्षण प्रयासों और वन्यजीव पर्यटन के महत्व को भी वैश्विक स्तर पर उजागर करेगी।

  • कार्बेट टाइगर रिजर्व में चल रहा ठगी का खेल

    पर्यटकों के लिए स्वर्ग समान कार्बेट टाइगर रिजर्व की सफारी और नाइट स्टे बुकिंग के नाम पर सक्रिय दलालों ने अब लाखों की ठगी का सिलसिला शुरू कर दिया है। दिल्ली और केरल के दो पर्यटकों के साथ हुई धोखाधड़ी मामले ने प्रशासन की चुप्पी और पुलिस की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटक ऑनलाइन भुगतान कर ठगों के जाल में फंस रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर पुलिस संज्ञान नहीं ले रही, जिससे ठगों के हौसले बुलंद हैं।
    नई दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव निवासी निखिल मेहरा ने जनवरी 2025 में कार्बेट सफारी और नाइट स्टे की बुकिंग के लिए रामनगर निवासी एक युवक से संपर्क किया। आरोपी ने मई के तीन अलग-अलग दौरों (8-11 मई, 23-25 मई, 29 मई से 1 जून) के लिए नाइट स्टे का झांसा दिया और 1.32 लाख रुपये की रकम गूगल पे के जरिए अपने खाते में ले ली। आरोपी ने निखिल को कार्बेट पार्क की फर्जी परमिट कॉपी भेजी, लेकिन जब वे कार्बेट पहुंचे तो जांच में यह परमिट नकली साबित हुआ। निराश निखिल ने 27 मई को रामनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की सुस्त कार्रवाई से असंतुष्ट रहे।
    बाद में बीजेपी एक नेता जी के हस्तक्षेप पर आरोपी युवक को बुलाकर पूछताछ की गई। युवक ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कुछ रकम वापस लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
    इसी आरोपी युवक ने 12 अक्टूबर को केरल के पर्यटक मनोज से भी नाइट स्टे के नाम पर 80 हजार रुपये की ठगी की। मनोज के अनुसार, उन्हें भी फर्जी परमिट दिए गए और आरोपी ने आधी राशि वापस की, जबकि 45 हजार रुपये अब भी बाकी हैं। जानकारी मिली है कि युवक ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर ‘जिम कॉर्बेट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी टूर’ जैसी झूठी सुविधाओं का झांसा देकर ठगी की है।
    आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस की धीमी कार्रवाई और शिकायतों पर गंभीरता न दिखाने से पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। रामनगर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने कहा मामले की जांच चल रही है, उचित कार्रवाई की जाएगी।
    कार्बेट प्रशासन ने पर्यटकों को सचेत किया है कि वे केवल विभागीय आधिकारिक वेबसाइट पर ही सफारी और नाइट स्टे की बुकिंग करें। बाजार में कई फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं, जो पर्यटकों को ठगने का काम कर रही हैं। प्रशासन ने फर्जी वेबसाइटों की सूची पहले ही जारी कर दी है।
    कार्बेट टाइगर रिजर्व की ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा किसी भी एजेंट या निजी वेबसाइट पर विश्वास न करें। बुकिंग के लिए केवल विभागीय वेबसाइट का उपयोग करें और ऑनलाइन भुगतान के समय सतर्क रहें।
    यह मामला न केवल पर्यटकों की हानि का है, बल्कि प्रशासन और पुलिस की असंवेदनशीलता से पर्यटकों का भरोसा भी टूट रहा है। जल्द से जल्द ठगों पर सख्त कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता जरूरी है, ताकि पर्यटक सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण में अपनी यात्रा का आनंद ले सकें।

  • डांडिया महोत्सव में शामिल हुईं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या

    नवरात्रि के पावन अवसर पर रामनगर में आयोजित भव्य डांडिया महोत्सव में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शिरकत की। इस दौरान रंग-बिरंगे परिधानों और उत्सव के माहौल से सजे कार्यक्रम में मंत्री ने डांडिया नृत्य को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रेखा आर्या ने कहा डांडिया न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोता है, बल्कि समाज को एकता और उल्लास के सूत्र में भी पिरोता है।
    उन्होंने कहा कि आज भारत ही नहीं, विदेशों में भी डांडिया की लोकप्रियता बढ़ रही है, जो हमारी संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
    मंत्री आर्या ने डांडिया को केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि फिटनेस का ज़रिया भी बताया।
    डांडिया न केवल मनोरंजन देता है, बल्कि युवाओं को शारीरिक स्वास्थ्य और पारंपरिक मूल्यों से भी जोड़ता है। यह उत्सवों को एक स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का माध्यम बन चुका है।
    इस आयोजन में ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेखा रावत, इंद्र रावत, संजय नेगी, और किरण मठपाल सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया और आयोजकों की सराहना की।
    रामनगर में डांडिया महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह परंपरा, स्वास्थ्य और समाजिक एकता का उत्सव बन गया। मंत्री रेखा आर्या की उपस्थिति और विचारों ने इस कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।