Category: श्रीनगर

  • भाजपा में सिरफुटौब्बल को देखते हुए धामी सरकार का मंत्रिमंडल किया विस्तार: गोदियाल

    श्रीनगर: विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर भ्रमण के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने श्रीनगर में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है तथा प्रदेश की जनता चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अपना आशीर्वाद देकर बदलाव करेगी।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें गहराई तक जमा चुका है और भाजपा सरकार तानाशाह और निरंकुश हो चुकी है तथा जनता की अपेक्षाओं पर धराशाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सत्ता का यह बदलाव वर्तमान और भविष्य के लिए आवश्यक है। सत्ता में बैठे लोगों में तानाशाही आ चुकी है। उन्होंने कहा कि सत्ता की निरंकुशता को खत्म करने के लिए बदलाव आवश्यक है। उन्होंने एकबार फिर से दोहराया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैण बनाई जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बागेश्वर, अल्मोड़ा, टिहरी, चमोली तथा पौडी जैसे जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में विकास की एकतात्र उम्मीद गैरसैण राजधानी बनने के बाद ही दिखाई देगी।
    राज्य में हुए मंत्रिमंडल के विस्तार पर बोलते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा में सिरफुटौब्बल को देखते हुए धामी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार भाजपा की अंदरूनी कलह को दबाने के लिए किया गया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ विधायकों को सम्मान देने की बजाय कांग्रेस से दल बदल कर गये विधायकों को अधिक तवज्जो दी है इसीलिए मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस पृष्ठभूमि के लोगों को मंत्री बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी कलह दबाने के लिए किये गये मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद भाजपा में चुनाव से पहले सिरफुटौब्बल होकर रहेगा।

  • उत्तराखंड राज्यपाल के हेलीकॉप्टर की तकनीकी खराबी से इमरजेंसी लैंडिंग

    श्रीनगर: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी के तौर पर पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर उतार दिया। राज्यपाल टिहरी गढ़वाल से गैरसैंण के लिए जा रहे थे। गैरसैंण में कल 9 मार्च से बजट सत्र आहूत है। जिसके तहत राज्यपाल गैरसैंण के लिए जा रहे थे।
    जानकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर में कुछ तकनीकी खामियां सामने आईं, जिसके बाद एहतियात के तौर पर तुरंत नजदीकी सुरक्षित स्थान पर लैंडिंग का फैसला लिया गया। इसके तहत हेलीकॉप्टर को श्रीनगर के जीवीके हेलीपैड पर सुरक्षित उतारा गया।
    हेलीकॉप्टर के उतरते ही मौके पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राज्यपाल को तत्काल श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां वे फिलहाल सुरक्षित हैं। उधर, तकनीकी टीम हेलीकॉप्टर की जांच में जुट गई है और खराबी के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इमरजेंसी लैंडिंग कर ली गई, जिससे किसी तरह की अनहोनी टल गई। फिलहाल राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही अगली उड़ान को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

  • डॉ. आशुतोष सयाना बने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के नियमित प्राचार्य

    उत्तराखण्ड शासन ने डॉ. आशुतोष सयाना को राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर का नियमित प्राचार्य नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
    डॉ. सयाना इससे पहले प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग में निदेशक (2015 से अब तक) और दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में प्राचार्य (2019 से 2024) के पद पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वह जनरल सर्जरी, ट्रॉमा केयर और मिनिमल एक्सेस सर्जरी के विशेषज्ञ माने जाते हैं। चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक विकास को सशक्त बनाने में उनका अहम योगदान रहा है।
    डॉ. सयाना को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का नियमित प्राचार्य बनाए जाने से संस्थान को एक अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। उनके नेतृत्व में कॉलेज में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य और अधिक सुचारू रूप से संचालित होंगे। पूर्व प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत के बाद डॉ. सयाना ही अतिरिक्त प्रभार के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे, किंतु अब शासन ने उन्हें नियमित जिम्मेदारी सौंप दी है।

    शैक्षणिक और पेशेवर सफर-

    डॉ. सयाना ने वर्ष 1994 में एमबीबीएस जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर से पूरा किया। वर्ष 1999 में उन्होंने केजीएमसी, लखनऊ से एमएस (जनरल सर्जरी) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी में सहायक प्रोफेसर, सह-प्रोफेसर और प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दीं।
    एच.एन.बी. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, देहरादून में उन्होंने रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक के रूप में कार्य किया। दिल्ली के कई प्रमुख अस्पतालों में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में उनके शोध पत्र और प्रकाशन हो चुके हैं। साथ ही विभिन्न परिषदों में अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन्होंने चिकित्सा शिक्षा को मजबूती प्रदान की है।

    “श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी देने के लिए मैं मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री और शासन का आभारी हूं। गढ़वाल क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी मिलने पर यहां की जनता को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। मेरा संकल्प है कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को देश के श्रेष्ठ मेडिकल कॉलेजों में शामिल किया जाए।”
    — डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर

  • डाक्टर का पंखे से लटका मिला शव,एनाटामी से कर रही थी पीजी

    वीर चंद्र सिंह गढ़वाल राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान मेडिकल कालेज श्रीनगर में पीजी प्रथम वर्ष की छात्रा डा आकृति श्रेया (27 वर्षीय) ने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। आकृति झारखंड के रांची की रहने वाली थी और पटना से एमबीबीएस करने के बाद श्रीनगर मेडिकल कालेज से एनाटामी में पीजी कर रही थी।

    अलकनंदा छात्रावास में कार्यरत कर्मचारियों के मुताबिक, रविवार रात करीब नौ से दस बजे के बीच आकृति हास्टल के कारिडोर में नजर आई थी। सोमवार को कालेज में सेमिनार का आयोजन था, परन्तु आकृति उसमें नहीं पहुंची। आकृति के परिजनों द्वारा उसके सहपाठियों को फोन कर बताया कि आकृति फोन नहीं उठा रही है, तो इस पर सहपाठियों द्वारा विभाग को सूचना दी गई। कालेज प्रशासन ने छात्रावास कर्मचारियों को कमरे में भेजा, मगर दरवाजा अंदर से बंद मिला,जबकि आकृति के फोन पर लगातार घंटी बज रही थी। संशय होने पर इसकी सूचना विभाग को दी गई। इसके बाद मेडिकल कालेज प्रशासन, विभागाध्यक्ष डा. अनील द्विवेदी व पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया तो अंदर का दृश्य स्तब्ध कर देने वाला था।

    आकृति का शव चादर के सहारे पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज के शवगृह में भिजवा दिया। फारेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच की। पुलिस को कमरे से पेस्ट्री का टुकड़ा, कुछ दवाइयां और मोबाइल फोन मिला है। आशंका जताई जा रही है कि आकृति ने रविवार रात को फांसी लगाई होगी, उसके कमरे का एसी भी चालू था। साथी छात्राओं के अनुसार, आकृति रात उसी समय हास्टल के कारिडोर में नजर आई थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह नेगी ने बताया कि मृतका की पहचान 27 वर्षीय आकृति श्रेया, पुत्री अशोक कुमार, निवासी दुर्गा एनक्लेव, निकट होली क्रास स्कूल, लालपुर, रांची झारखंड के रूप में हुई है। कमरा संख्या 48 जिसमें आकृति रह रही थी उसे सीज कर दिया गया है। छात्रा का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। पंखे का एक हिस्सा शव के वजन से क्षतिग्रस्त हो चुका था और शव घुटनों के बल जमीन पर झुका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। लगातार आकृति के मोबाइल पर घरवालों के फोन आ रहे थे। महिला थाना प्रभारी संध्या नेगी ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों से बातचीत और मोबाइल की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को कारण मान रही है। हालांकि, अधिकारी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले परिजनों व साथियों से पूछताछ कर रहे हैं।