एससी के फैसले से पहले पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला: फ्लैग मार्च किया

नैनीताल जिले के बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 10 दिसंबर को सुनवाई होने जा रही है। ऐसे में प्रशासन, पुलिस और रेलवे विभाग ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
मंगलवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस और रेलवे पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान एडीएम विवेक राय, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान और एसपी सिटी मनोज कत्याल मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने इस दौरान लोगों से अपील की कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और कानून व्यवस्था बनाए रखें।
पूर्व की घटनाओं से सबक लेते हुए जिला पुलिस ने अराजकतत्वों और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी है। अतिक्रमण क्षेत्र में 4 ड्रोन कैमरे और अन्य सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी फोर्स बुलाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मामले का इतिहास देखें तो वर्ष 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट में इस संबंध में एक पीआईएल दायर की गई थी। रेलवे विभाग ने दावा किया था कि बनभूलपुरा की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि रेलवे की है। हाईकोर्ट ने वर्ष 2023 में अतिक्रमणकारियों को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद रेलवे विभाग ने प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अब सुप्रीम कोर्ट 10 दिसंबर को अंतिम फैसला सुना सकता है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत की गई है और किसी भी तरह से कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, अराजकतत्वों के खिलाफ कड़ाई से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।


