सिडकुल पंतनगर में 4 कंपनियों को प्रदूषण फैलाने पर UKPCB का नोटिस, अब HC ने दिए आदेश केपीसीबी को निस्तारित करना होगा मामला
नैनीताल हाईकोर्ट में सिडकुल स्थित ऑटो पार्ट बनाने वाली कंपनियों को नोटिस थमाने के मामले पर सुनवाई

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिसका काम उत्तराखंड में प्रदूषण को नियंत्रित करना और पर्यावरण की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार एक नियामक संस्था है। इसका काम औद्योगिक इकाइयों को संचालन के लिए सहमति देना और प्रदूषण से संबंधित निवारक उपायों को विनियमित करना है।
साथ ही औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर प्रदूषण को नियंत्रित करना, पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहित करना, गंगा नदी समेत विभिन्न जल निकायों में प्रदूषण को रोकना और नियंत्रित करना है। इसके अलावा वायु गुणवत्ता में सुधार करना और वायु प्रदूषण को रोकना भी है।
लेकिन उत्तराखंड में अफसरो के सिर अफसर शाही सर चढ़ कर बोल रही है , ना तो इनको कोई रोकने वाला ना ही कोई बोल सकने वाला है । प्रदेश में अधिकारी नेताओ के इशारों पर कार्य करने वाली राजनैतिक यंत्र बन कर रह गए है । अपने राजनैतिक आकाओं के इशारे पर ये किसी भी तरह की कार्यवाही से परहेज नहीं करते है ।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उधम सिंह नगर जिले के सिडकुल (पंतनगर) में ऑटो पार्ट बनाने वाली चार कंपनियों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण फैलाने के मामले पर दिए गए नोटिस पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने यूकेपीसीबी से कहा है कि उनकी ओर से दिए गए प्रत्यावेदन पर 6 हफ्ते के भीतर नियमों के तहत निस्तारित करें।
सिडकुल पंतनगर की चार कंपनियों ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। उनका कहना है कि उन्हें यूकेपीसीबी की ओर से 24 अप्रैल 2025 को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया कि कंपनियों ने पीसीबी के नियमों का पालन न करते हुए पर्यावरण को हानि पहुंचाई है। इसलिए कंपनियां उनपर लगाए गए 20 से 50 लाख की पर्यावरणीय क्षति का भुगतान तय समय पर करें।
याचिकाओं में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस नोटिस पर रोक लगाई जाए। उनकी ओर से पीसीबी के किसी भी नियमावली का उल्लंघन नहीं किया गया है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की खंडपीठ ने यह आदेश दिए हैं, कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 6 हफ्ते के भीतर नियमों के तहत प्रत्यावेदन को निस्तारित करने को कहा गया है।



