डाक्टर का पंखे से लटका मिला शव,एनाटामी से कर रही थी पीजी
पढ़ाई का तनाव या कोई और वजह?पुलिस मामले की जांच में जुटी

वीर चंद्र सिंह गढ़वाल राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान मेडिकल कालेज श्रीनगर में पीजी प्रथम वर्ष की छात्रा डा आकृति श्रेया (27 वर्षीय) ने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। आकृति झारखंड के रांची की रहने वाली थी और पटना से एमबीबीएस करने के बाद श्रीनगर मेडिकल कालेज से एनाटामी में पीजी कर रही थी।
अलकनंदा छात्रावास में कार्यरत कर्मचारियों के मुताबिक, रविवार रात करीब नौ से दस बजे के बीच आकृति हास्टल के कारिडोर में नजर आई थी। सोमवार को कालेज में सेमिनार का आयोजन था, परन्तु आकृति उसमें नहीं पहुंची। आकृति के परिजनों द्वारा उसके सहपाठियों को फोन कर बताया कि आकृति फोन नहीं उठा रही है, तो इस पर सहपाठियों द्वारा विभाग को सूचना दी गई। कालेज प्रशासन ने छात्रावास कर्मचारियों को कमरे में भेजा, मगर दरवाजा अंदर से बंद मिला,जबकि आकृति के फोन पर लगातार घंटी बज रही थी। संशय होने पर इसकी सूचना विभाग को दी गई। इसके बाद मेडिकल कालेज प्रशासन, विभागाध्यक्ष डा. अनील द्विवेदी व पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया तो अंदर का दृश्य स्तब्ध कर देने वाला था।
आकृति का शव चादर के सहारे पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज के शवगृह में भिजवा दिया। फारेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच की। पुलिस को कमरे से पेस्ट्री का टुकड़ा, कुछ दवाइयां और मोबाइल फोन मिला है। आशंका जताई जा रही है कि आकृति ने रविवार रात को फांसी लगाई होगी, उसके कमरे का एसी भी चालू था। साथी छात्राओं के अनुसार, आकृति रात उसी समय हास्टल के कारिडोर में नजर आई थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह नेगी ने बताया कि मृतका की पहचान 27 वर्षीय आकृति श्रेया, पुत्री अशोक कुमार, निवासी दुर्गा एनक्लेव, निकट होली क्रास स्कूल, लालपुर, रांची झारखंड के रूप में हुई है। कमरा संख्या 48 जिसमें आकृति रह रही थी उसे सीज कर दिया गया है। छात्रा का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। पंखे का एक हिस्सा शव के वजन से क्षतिग्रस्त हो चुका था और शव घुटनों के बल जमीन पर झुका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। लगातार आकृति के मोबाइल पर घरवालों के फोन आ रहे थे। महिला थाना प्रभारी संध्या नेगी ने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों से बातचीत और मोबाइल की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को कारण मान रही है। हालांकि, अधिकारी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले परिजनों व साथियों से पूछताछ कर रहे हैं।