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एसटीएफ और जिला पुलिस की जेल से फरार हत्यारे के साथ हुई पुलिस मुठभेड़

अपराधी की गिरप्तारी पर रखा गया था, 50 हजार रूपये का ईनाम

देहरादून/हरिद्वार,

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ की अपराधियों के घेराबंदी रणनीति का परिणाम –एसटीएफ ने जिला कारागार हरिद्वार से फरार हत्यारा को किया पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार,

*जिला कारागार हरिद्वार में रामलीला में दिया था बानर का किरदार–जेल की दीवार फतेह कर हो गया था फरार,

 

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्ष दशहरे के अवसर पर जिला कारागार हरिद्वार में निरुद्ध अभियुक्त पंकज और रामकुमार द्वारा जिला कारागार हरिद्वार की दीवार को फांद करके फरार हो गए थे । जिसमें एक अभियुक्त रामकुमार को हरिद्वार पुलिस द्वारा पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था एवं इसके साथी पंकज तब से तलाश की जा रही थी। *जिसकी गिरफ्तारी पर ₹50000 का इनाम रखा गया था। इस फरार कैदी पंकज के साथ एसटीएफ ओर हरिद्वार पुलिस के बीच दिनांक 30.1.25 की रात मुठभेड़ हो गई। खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल बदमाश को गिरफ्तार कर तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

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उक्त मामले में आगे और जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि 11 अक्टूबर की रात, दशहरे से पहले हरिद्वार जिला जेल में रामलीला का मंचन हो रहा था। इस दौरान कैदी पंकज (28 वर्ष) और कैदी रामकुमार (24 वर्ष) को वानर सेना का किरदार निभाने का मौका मिला। लेकिन उन्होंने इस अवसर का फायदा उठाकर ये दोनों जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। रामलीला मंचन के बाद जब कैदियों की गिनती हुई, तब जेल प्रशासन को इस फरारी की जानकारी हो पाई । इसके बाद हरिद्वार पुलिस के साथ-साथ ही उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा भी इन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

पंकज के साथ फरार कैदी रामकुमार को हरियाणा के यमुनानगर से पहले ही गिरफ्तार कर चुका है। अब इस मुठभेड़ में दूसरा फरार कैदी पंकज भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फरार कैदी इतने महीनों तक कहां छिपा रहा और उसे किन लोगों से मदद मिल रही थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस फरारी के पीछे किसी बड़े अपराधी गिरोह का हाथ था। अभियुक्त पंकज को पूर्व में भी उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था अब जेल से फरार होने के बाद पंकज कोई भी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था।

 

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