
देहरादून : दून के समर वैली स्कूल में अभिभावकों ने आज ग्यारहवीं कक्षा के 32 बच्चों को फेल करने के विरोध में जमकर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की और धरने पर बैठे रहे और वहीं राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के पदाधिकारियों ने अपना समर्थन दिया है। वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य सेनि कर्नल राजेश कुमार पोखरियाल ने कहा है कि आईसीएसई बोर्ड के मानकों के अनुसार ही उत्तीर्ण एवं अनुत्तीर्ण की प्रक्रिया अपनाई गई है और पेपर लीक व मनमानी का आरोप लगाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस अवसर पर धरना प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का आरोप था कि देहरादून स्थित समर वैली स्कूल द्वारा ग्यारहवीं कक्षा के लगभग 32 बच्चों को जानबूझकर फेल कर दिया। जिन बच्चों द्वारा स्कूल के शिक्षकों से ट्यूशन ली गई, और जिनके द्वारा शिक्षकों को पैसा दिया गया, उनको पास कर दिया गया। उनका कहना है कि शिक्षकों द्वारा पेपर तक लीक किए जाने के तमाम प्रमाण भी अभिभावकों ने मीडिया को दिखाए।
इस अवसर पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के के कार्यकर्ता भी अभिभावकों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे और स्कूल प्रबंधन तथा फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि समर वैली स्कूल में अध्यापकों ने स्टूडेंट को पास कराने के लिए अपने खातों में रिश्वत ली है।
उन्होंने पैसे के लेनदेन से संबंधित स्क्रीनशॉट और पेपर लीक से संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्कूल प्रबंधन और स्कूल के प्रिंसिपल तथा शिक्षकों के खिलाफ नकल विरोधी कानून के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने की मांग की और कहा कि ऐसे प्रधानाचार्य और शिक्षकों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
व्हाट्सएप चौट के स्क्रीनशॉट दिखाते हुए अभिभावकों ने कहा कि शिक्षकों ने ग्यारहवीं कक्षा के यूनिट टेस्ट और फाइनल परीक्षा के पेपर्स की पीडीएफ फाइल परीक्षा तिथियां से लगभग एक सप्ताह पहले ही उन छात्रों के मोबाइल पर भेज दी, जिन्होंने उनको रिश्वत दी।
इस दौरान शिव प्रसाद सेमवाल ने बताया कि बाल संरक्षण आयोग ने भी समर वैली स्कूल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जबरन फेल किए गए सभी बच्चों को बारहवीं कक्षा में उत्तीर्ण किया जाए किंतु समर वैली स्कूल ले बाल आयोग के आदेशों की भी अवहेलना करते हुए छात्रों को कक्षा में बिठाने से साफ मना कर दिया। इस अवसर पर अनेक अभिभावक व पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



