चार धाम यात्रा पर भ्रम की स्थिति फैला रही सरकारः धस्माना
सड़क दुर्घटना में इस वर्ष की पहली तिमाही में ही 275 लोग गंवा चुके जान

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाते हुए कहा है कि आगामी चार धाम यात्रा पर भ्रम की स्थिति सरकार फैला रही है।
यहां प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि एक तरफ यात्रियों का ऑनलाइन व ऑफ लाइन पंजीकरण की बात कर रही है और उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ सरकार कह रही है कि जितने भी यात्री आएंगे चाहे वह पंजीकृत हों या गैर पंजीकृत सभी को यात्रा की अनुमति दी जाएगी जिससे यात्रा में भारी अव्यवस्था फैलने की आशंका हो गई है।
उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा शुरू होने में मात्र दस दिन रह गए है लेकिन सरकार के पास केवल बड़े बड़े दावों का पिटारा है लेकिन यात्रा को निर्विघ्न पूरी करवाने की ठोस योजना व व्यवस्था का अभाव है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि सरकार के पर्यटन व तीर्थाटन मंत्री को आईआईएम रोहतक की उस रिपोर्ट की जानकारी हो नहीं है तथा जिसमें यात्रा वाले शहरों की भार वहन क्षमता की जानकारी ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि जबकि राज्य की मुख्य सचिव इस रिपोर्ट के आधार पर यात्रा से संबंधित अधिकारियों व जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री के द्वारा असीमित यात्रियों को निमंत्रण देने से यात्रा में भीड़ प्रबंधन फेल होने की संभावना है जैसा पिछले वर्ष देखा गया जब भीड़ ने अनेक स्थानों पर भीड़ ने पुलिस के बैरिकेडिंग उखाड़ कर फैंक दिए है।
इस दौरान धस्माना ने कहा कि चार धाम यात्रा करोड़ों सनातनियों की आस्था विश्वास के साथ साथ उत्तराखंड की लाइफ लाइन है जिससे लाखों लोगों की रोटी रोजी जुड़ी है और यात्रा की सफलता व निर्विघ्न संपन्न होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यात्रा में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा , स्वास्थ्य, रहने भोजन व सबसे महत्वपूर्ण जिस उद्देश्य से यात्री आते हैं दर्शन की उचित व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर धस्माना ने कहा कि पिछले आठ वर्षों का यह अनुभव रहा है कि सरकार दबे बड़े बड़े करती है किन्तु व्यवस्थाओं में हमेशा फिसड्डी साबित होती है और उसका सबसे बड़ा उदाहरण पिछले वर्ष केदार घाटी में 30 जुलाई को आई आपदा है जिससे पूरी यात्रा प्रभावित हुई और यात्रा समाप्त होने तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो पाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यमुनोत्री व बद्रीनाथ रूट में भी पिछले वर्ष यात्रा बाधित रही।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामले में भी सरकार की तैयारी लचर है और पिछले पांच वर्षों में औसतन हर साल सड़क दुर्घटनाओं में एक हजार लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई और डेढ़ हजार लोग हर साल घायल हुए है और धस्माना ने कहा कि इस वर्ष पहली तिमाही खत्म होने से पहले ही सड़क दुर्घटनाओं में राज्य में 275 लोग मौत के मुंह में समां गए हैं। इस अवसर पर वार्ता में अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।



