
राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सहस्त्रधारा हेलीपैड के पास निमार्णाधीन मकान में रह रहे बुजुर्ग केयरटेकर की हत्या की गुत्थी को दून पुलिस ने महज 24 घंटे में सुलझा लिया। पुलिस ने हत्या के मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पूछताछ में दोनों ने चोरी के इरादे से साइट में घुसने और विरोध करने पर बुजुर्ग की सरिए से हमला कर हत्या करने की बात कबूल की है। शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए देहरादून पुलिस कप्तान अजय सिंह ने बताया कि
राजपुर थाना पुलिस को 28 अगस्त की सुबह सूचना मिली थी कि सहस्त्रधारा हेलीपैड के पास निमार्णाधीन मकान में रहने वाला केयरटेकर जर्रार अहमद (68 वर्ष), निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार मृत अवस्था में पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि मृतक के सिर पर गहरे चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून बह रहा था। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई।
जांच में पता चला कि मृतक की जेब से मोबाइल फोन और कुछ नकदी गायब थी। ठेकेदार की तहरीर पर थाना राजपुर में धारा 103 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीमों ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और दो संदिग्धों की पहचान की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आर्चिड पार्क के पास से प्रवीन रावत उर्फ अमन और पवन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। घटना वाली रात वे चोरी की नीयत से निमार्णाधीन मकान में घुसे और सोते हुए केयरटेकर की जेब से मोबाइल व 650 रुपये निकाल लिए। तभी बुजुर्ग की नींद खुल गई और उसने पवन को पकड़ लिया। पकड़े जाने के डर से दोनों ने पास पड़ी लोहे की सरिए से हमला कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त सरिया भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों की उम्र 19 वर्ष है और वे स्थानीय निवासी हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों में प्रवीन रावत उर्फ अमन पुत्र मदन रावत निवासी चालन गांव सहस्त्रधारा रोड, पवन कुमार पुत्र तिलक राम निवासी काठबंगला थाना राजपुर शामिल है। सफलता पाने वालीं पुलिस टीम में उप निरीक्षक शैकी कुमार थानाध्यक्ष राजपुर, वरिष्ठ उप निरीक्षक विजेंद्र कुमार, दीपक द्विवेदी चौकी प्रभारी आईटी पार्क, कांस्टेबल विशाल, प्रदीप असवाल, अमित भट्ट, आशीष एसओजी शामिल है।दून पुलिस की तत्परता से न केवल एक ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री सुलझ गई, बल्कि दो शातिर अपराधी भी सलाखों के पीछे पहुंच गए।



