पूर्व मेयर मनोरमा को जयंती पर दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
संघर्ष, सेवा और सादगी की मिसाल रहीं स्व. मनोरमा डोबरियाल शर्मा, राज्य निर्माण आंदोलन में निभाई अहम भूमिका, महिलाओं को संगठित करने और देहरादून को बी-2 श्रेणी दिलाने में रहा सराहनीय योगदान

उत्तराखंड की प्रथम महिला महापौर और पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. मनोरमा डोबरियाल शर्मा की जयंती पर मंगलवार को उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम काफल चैप्टर आॅफ गढ़वाल और मनोरमा डोबरियाल शर्मा मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में चौपाल कार्यालय में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं फाउंडेशन की अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने कहा कि स्व. मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने उत्तराखंड को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। प्रथम महिला मेयर के रूप में उन्होंने न सिर्फ देहरादून को नई दिशा दी बल्कि राज्यसभा सदस्य के रूप में भी राज्य के मुद्दों को प्रखरता से उठाया।
भाकपा के समर भंडारी ने उन्हें राज्य निर्माण आंदोलन की अग्रणी सेनानी बताते हुए कहा कि ह्लउन्हें कई बार लाठी, डंडे और जेल की यातनाएं झेलते देखा। उनका संघर्ष हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने राज्यसभा में उनके अल्पकालिक कार्यकाल को उत्कृष्ट और जनहितैषी बताया।
वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश कुकरेती ने कहा कि स्व. मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने देहरादून को बी-2 श्रेणी में शामिल कराने और एशियन मेयर कॉन्फ्रेंस आयोजित कराने में अहम भूमिका निभाई।
गिरधर पंडित ने उन्हें संघर्ष की प्रतीक बताते हुए कहा कि वह एक ऐसी नदी की तरह थीं जो पहाड़ों से निकलकर रास्ते की हर बाधा को पार करती चली गईं।
कार्यक्रम में श्रम और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिलाओं की बड़ी भागीदारी और फाउंडेशन के सदस्य मौजूद रहे।



