Homeआरोपयूकेएसएसएससी अध्यक्ष के बयान पर धस्माना का पलटवार

यूकेएसएसएससी अध्यक्ष के बयान पर धस्माना का पलटवार

प्रदेश में रविवार को आयोजित यूकेएसएसएससी (यूकेएसएसएससी) परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने नया राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग उठाई है।
रविवार को हुए पेपर के दौरान महज़ आधे घंटे में प्रश्नपत्र का सोशल मीडिया पर वायरल हो जाना, और फिर उसके हल सहित बाहर आना, कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने सोमवार को प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जब आज देश में मोबाइल फाइव जी पर काम कर रहा है, तो फिर परीक्षा केंद्रों में फोर जी जैमर लगाने का क्या औचित्य था? क्या यह जानबूझकर किया गया, ताकि नकल माफिया को मदद मिले?
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर से एक दिन पहले ही नकल माफिया सरगना की ‘नाटकीय गिरफ्तारी’ और फिर पेपर के दौरान ही उसका लीक होकर वायरल हो जाना, एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
यूकेएसएसएससी अध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान की तीन पन्ने बाहर आए, लेकिन इसे पेपर लीक नहीं कह सकते को धस्माना ने शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि अब इस बयान के बाद अध्यक्ष को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। या तो वे खुद इस्तीफा दें या राज्य सरकार उन्हें बर्खास्त करे।
धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड सरकार बीते साढ़े आठ वर्षों से बेरोजगारों के साथ धोखा कर रही है। सरकारी विभागों में भर्तियां बंद हैं, और जो परीक्षाएं होती हैं, उनमें पेपर लीक हो जाते हैं। इससे युवाओं में गहरी हताशा फैली है।
धस्माना ने कहा कि कांग्रेस अब इस मुद्दे पर हर मोर्चे पर सरकार से टक्कर लेने को तैयार है।
उन्होंने बताया कि सोमवार को खटीमा में भुवन कापड़ी के नेतृत्व में और देहरादून में युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुमित भुल्लर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर पुतला दहन किया। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा।
यूकेएसएसएससी परीक्षा में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं जहां प्रदेश की साख पर चोट कर रही हैं, वहीं इससे हजारों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। कांग्रेस ने इसे सड़कों से लेकर सदन तक उठाने का एलान कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है, और क्या सीबीआई जांच की मांग पर कोई फैसला लिया जाता है।

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