
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के सबसे रोमांचक और पर्यटकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय ढिकाला जोन में इस साल विदेशी और देशी सैलानियों का उत्साह अभूतपूर्व है। पार्क प्रशासन ने पहली बार विदेशी पर्यटकों के लिए एडवांस बुकिंग 90 दिन पहले शुरू की, और शुरू होते ही सभी नाइट स्टे रूम भर गए। जनवरी 2026 तक विदेशी सैलानियों के लिए सभी 41 कमरे और 20 डॉरमेट्री पूर्णतः बुक हो चुके हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के अनुसार, ढिकाला जोन की एडवांस बुकिंग के पहले ही 200 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने रात्रि विश्राम के लिए अपने कमरे सुरक्षित कर लिए। उन्होंने बताया कि विदेशी पर्यटक अब 18 जनवरी 2026 तक की बुकिंग कर चुके हैं।
भारतीय पर्यटकों के लिए बुकिंग 45 दिन पहले शुरू हुई थी और दिसंबर 2025 तक देशी पर्यटकों का कोटा भी पूरा भर गया। अब तक 1000 से अधिक भारतीय पर्यटक एडवांस बुकिंग कर चुके हैं।
मनसून के बाद हर साल 15 नवंबर से खुलने वाला ढिकाला जोन इस बार भी पर्यटकों के लिए तैयार है। यहां जंगल सफारी के साथ रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध है। पर्यटक बंगाल टाइगर, हाथी, भालू, हिरण, मगरमच्छ, विविध पक्षियों और समृद्ध जैव विविधता का अद्भुत अनुभव ले सकते हैं।
ढिकाला जोन में कुल 41 कमरे हैं। मुख्य ढिकाला कैंप में 28, सुल्तान क्षेत्र में 2, गैरल में 6, खिनानौली में 3 और सर्फदुली में 2 कमरे हैं। इसके अलावा, 20 डॉरमेट्री की सुविधा भी उपलब्ध है। देशी पर्यटकों के लिए दो व्यक्तियों का रूम प्रति रात लगभग 4,000 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 9,000 रुपये निर्धारित है।
ढिकाला जोन की एडवांस बुकिंग ने रामनगर और आसपास के पर्यटन कारोबारियों का उत्साह बढ़ा दिया है। होटल, गाइड, जीप सफारी ऑपरेटर, हस्तशिल्प विक्रेता और स्थानीय भोजनालय अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद कर सकते हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी सैलानियों की बढ़ती संख्या न केवल कॉर्बेट की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान और एशिया का सबसे पुराना टाइगर रिजर्व है। यहां जंगल सफारी का अनुभव रोमांच और शांति से भरपूर है। ढिकाला जोन का जंगल, ग्रासलैंड और रामगंगा नदी का संगम पर्यटकों को प्रकृति के वास्तविक सौंदर्य का अनुभव कराता है। बंगाल टाइगर को उसकी प्राकृतिक आवास में देखना, यहां की जैव विविधता और सुंदरता पर्यटकों की स्मृति में जीवनभर अंकित रहती है।
इस बार ढिकाला जोन में रिकॉर्ड बुकिंग ने यह साबित कर दिया है कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। विदेशी और देशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या न केवल रामनगर के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत के संरक्षण प्रयासों और वन्यजीव पर्यटन के महत्व को भी वैश्विक स्तर पर उजागर करेगी।



