
विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा की लौ जलाए रख रहीं होनहार बेटियों के भविष्य को संवारने में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शिक्षा को नया जीवन दे रहे हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड के माध्यम से दो बेटियों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके सपनों को नई दिशा दी है।
बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा जीविका अंथवाल और कक्षा 11 की छात्रा नंदिनी राजपूत की शिक्षा को बीते सप्ताह प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा के तहत पुनर्जीवित किया गया। दोनों बेटियां विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं।
जीविका अंथवाल के पिता गंभीर लीवर रोग से पीड़ित हैं और कई महीनों से आईसीयू में भर्ती हैं। परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर है, जो सीमित संसाधनों में घर चला रही हैं। शिक्षा के लिए लैपटॉप और आर्थिक सहायता की मांग को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएसआर फंड से जीविका के बैंक खाते में एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। साथ ही राइफल फंड से लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि जीविका की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके और उनका सीए बनने का सपना साकार हो सके।
कक्षा 11 की छात्रा नंदिनी राजपूत के पिता का वर्ष 2018 में निधन हो चुका है। उनकी माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हैं और सिलाई कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। तीन बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी के बीच नंदिनी नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नंदिनी को भी सीएसआर फंड से एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि सीएसआर फंड का उद्देश्य पात्र और जरूरतमंदों के कल्याण में उपयोग करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि दी गई सहायता राशि का उपयोग पूरी तरह शिक्षा के लिए किया जाएगा। उन्होंने उप जिलाधिकारी न्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि परिस्थितियों से जूझ रही होनहार बेटियों की शिक्षा को जीवित रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बेटियों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि वे अपने हौसले और आत्मविश्वास को बनाए रखें, शिक्षा की ‘स्पार्क’ को कभी बुझने न दें और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ती रहें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।



