देहरादून

SIR अभियान की अंतिम मतदाता सूची अब 3 अक्टूबर को होगी प्रकाशित

24.30 लाख नोटिसों में 99 प्रतिशत से अधिक की सुनवाई पूरी, फॉर्म-6, 7 और 8 की 40 प्रतिशत सुनवाई भी पूरी

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख में बदलाव किया है। अब प्रदेश में SIR के तहत तैयार की जा रही अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होना था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की प्रगति और संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी ।

सीईओ ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को जारी किए गए नोटिसों की सुनवाई का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में कुल 24 लाख 30 हजार नोटिसों के सापेक्ष अब तक 99 प्रतिशत से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शेष मामलों की सुनवाई भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन से संबंधित फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 की सुनवाई का कार्य भी जारी है। इन फॉर्मों से संबंधित करीब 40 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। निर्वाचन विभाग की ओर से शेष दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से SIR अभियान के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके अनुसार दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई 28 सितंबर 2026 तक की जाएगी। इस अवधि में मतदाता सूची से संबंधित प्राप्त दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण एवं निस्तारण किया जाएगा।

इसके बाद निर्वाचन विभाग अंतिम प्रक्रिया पूरी करेगा और 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा तारीख बढ़ाए जाने से विभाग को लंबित दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

SIR अभियान के तहत पहले अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 15 सितंबर निर्धारित की गई थी। हालांकि, अभियान के दौरान प्राप्त दावों, आपत्तियों और विभिन्न फॉर्मों की सुनवाई की प्रक्रिया को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम में संशोधन किया है। अब अंतिम मतदाता सूची करीब ढाई सप्ताह बाद प्रकाशित होगी।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित किए जा सकें और अपात्र अथवा मृत मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों का नियमानुसार सत्यापन किया जा सके।

सीईओ ने कहा कि विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावे और आपत्तियों की सुनवाई कर रहा है। सुनवाई पूरी होने के बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास उपस्थित रहे।

 

 

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