आरोपदेहरादून

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, मुद्दे पर राजनीति और राजनीति में पुनर्वास करना है कांग्रेस का मकसद, भाजपा ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया

  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
  • मुख्यमंत्री ने सभी भर्तियों में गड़बड़ी के चलते ,उनकी जांच कराने का दिखाया  साहस

देहरादून । भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और अध्यक्ष के  राज्य में भर्ती प्रकरण पर दिये बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार घपले – घोटालों कि जांच कर युवा बेरोजगारों को न्याय दिलाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस का मक़सद महज राजनीति करना और राजनीति में अपना पुनर्वास करना है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उसे बेरोजगारों के हितों की कोई फ़िक्र नही है और वह मामले में दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य मे घपले घोटालों  की नीव रखने की जनक कांग्रेस ही रही है। जबकि भाजपा इस भाव से कार्य कर रही है  कि गड़बड़ी जहाँ और जिस समय हुई उसकी जांच हो। मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके है कि घपला किस काल खंड का है, इस भाव से नही देखा जाएगा। अधीनस्थ चयन सेवा आयोग   की  परीक्षाओं की जांच मे जुटी एसटीएफ के बेहतर प्रदर्शन को सरहाने के बजाय कांग्रेस उसकी मंशा पर ही सवाल उठा रही है। जबकि भाजपा  नैतिक साहस दिखाकर खुद जांच को आगे आयी है । विधान सभा मे हुई नियुक्तियों पर हल्ला मचाने वाली कांग्रेस को यह सोचने की जरूरत है कि उसकी सरकार मे जब विधान सभा में 158 नियुक्ति हुई तब वह उन नियुक्तियों को सही ठहराने मे लगी थी। उसमे तत्कालीन विधान सभा अध्यक्ष के परिवार के 13 लोगों  जिनमें उनके पुत्र और पुत्र बधू को भी नौकरी मिली थी। इसके अलावा अन्य कई कांग्रेसी नेताओ के रिश्तेदारों को भी विधानसभा में नौकरियाँ दी गई हैं । हालांकि मुख्यमंत्री धामी ने विधान सभा मे भर्तियों की जांच को लेकर सहमति जता दी है। 2015-16 मे हुए  दरोगा भर्ती घोटाले की जांच भी विजिलेंस को वर्तमान सरकार ने सौंपी है।  कांग्रेस के कार्यकाल मे अनगिनत घपले घोटाले हुए और इसी वजह से उसे जनता ने हासिये पर डाल दिया।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि 2012 से 2017 तक की स्टिंग तत्कालीन सरकार और सीएम के हुए लेकिन कांग्रेस हाईकमान खुली आँख से देखता रहा।
भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री  धामी ने ऐसा साहस दिखाया है कि जिन भर्तियो में गड़बड़ी की आशंका है, उनकी जांच कराई जा रही है। वहीं कांग्रेस के समय जांच तो दूर महज लीपापोथी की जाती रही और कांग्रेस हाईकमान भी दूर से तमाशबीन बनकर चुप रहा। उन्होंने कहा  कि  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्य के नेताओ को समय पर सीख देते तो भ्रष्टाचार की बुनियाद नही पड़ती। पूर्व में हुई गड़बड़ियों का संज्ञान लेकर सरकार जांच करा रही है। यह भविष्य मे एक नजीर बनेगी और राज्य में पारदर्शिता  लाएगी। उन्होंने कहा कि अब भ्रष्टाचार पर उपदेश दे रहे कांग्रेस के केन्द्रीय नेता तब खामोश और चुप रहे जब राज्य मे उनके कर्ता -धर्ता घोटालों की इमारत खड़ी करते रहे।

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