रायपुर पुलिस ने PAYTM (पेटीएम) के माध्यम से ठगी करने वाले अर्न्तराज्जीय गिरोह का किया पर्दाफाश

देहादून, 20अप्रैल
रायपुर पुलिस ने PAYTM (पेटीएम) के माध्यम से ठगी करने वाले अर्न्तराज्जीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, गिरोह के सदस्यो ने विगत एक माह में विभिन्न राज्यों में 08 घटनाओं को अंजाम देते हुए छह लाख पचास हजार (6,50,000/- रुपये) रुपये की ठगी की गयी। अभियुक्तों घटना को अंजाम देने देहरादून पहुचे थे, उनके कब्जे से 09 मोबाईल फोन, 03 सिम कार्ड, 27 PAYTM कार्ड, 60 PAYTM स्कैनर पेज, 81 नेशन एक्सप्रेस कम्पनी के कार्ड, घटना में प्रयुक्त स्कूटी की बरामद, तीन बैक खाते किये गये सीज ।
गिरफ्तार अभियुक्त ,गौरव पुत्र रामानंद निवासी मकान नंबर 518 गली नंबर 12 मंडोली एक्सटेंशन थाना हर्ष विहार, दिल्ली उम्र 26 वर्ष,हिमांशु पुत्र तेजपाल निवासी 11/395 निवासी उपरोक्त, उम्र 23 वर्ष ,सुशील कुमार पुत्र कालूराम निवासी बी 206 तेजराम गली मकान नंबर 01, सुभाष मोहल्ला गोंडा, थाना भजनपुर, दिल्ली उम्र 26 वर्ष द्वारा पूछताछ मे बताया कि तीनो दोस्त है। तीनो एक साथ नेशन एक्सप्रेस कम्पनी में काम करते थे, जो एक मार्केटिंग की कम्पनी है। जहाँ हमारी सैलरी बहुत कम थी। जिस कारण हमारे द्वारा उक्त कम्पनी की नौकरी छोड़कर अधिक पैसे कमाने के चक्कर में आँनलाईन, दुकानों में पेटीएम स्कैनर लगाने का काम सीखा और हमारे द्वारा अलग-अलग शहरों की दुकानों में जाकर नया पेटीएम स्कैनर लगाने एंव पेटीएम को ठीक करने के नाम पर दुकानदारो से ठगी की जाने लगी। हमारे द्वारा दुकानदारों से उनके मो0फोन लिया जाता है, जिससे सिम निकालकर हमारे पास रखे मोबाइल में दुकानदार का सिम डालकर उक्त नम्बर से अपने मो0फोन में पेटीएम रजिस्टर्ड किया जाता है तथा दुकानदार की पेटीएम की प्रोफाईल सेंटिग में जाकर मैनेज नोटिफिकेशन पर जाकर सभी नोटिफिकेशन का अर्लट बंद किया जाता है, जिसके बाद दुकानदार की सिम पुनः अपने मो0फोन से निकालकर उनके मो0 फोन में डाल दिया जाता है। जिससे हमारे मो0फोन पर दुकानदार की सिम से रजिस्टर्ड पेटीएम 48 घण्टे तक चलता रहता है, जिससे हम कहीं भी ट्रांजेक्शन कर देते है और दुकानदार को उसका पता बाद में चलता है। हम तीनो स्कूटी के माध्यम से दिल्ली से देहरादून आते है और घटना करने के बाद उसी स्कूटी से चले जाते है। हमारे द्वारा दिनाँक 06/04/23 को यहाँ लाडपुर में भी एक सब्जी वाले के साथ इसी तरह से फ़्रॉड जियोमी के मो0फोन से किया था। हमारे द्वारा लाडपुर में सब्जी विक्रेता के पास जाकर स्वंय को पेटीएम कम्पनी का कर्मचारी बताकर पेटीएम ठीक करने के बहाने से उसका मो0फोन व सिम लेकर करीब 1,40,000 रुपये का फ़्रॉड किया गया। फ़्रॉड की धनराशी को हमारे द्वारा अपने रिश्तेदार, दोस्त एंव दिल्ली में सतीश नाम के व्यक्ति, जो कि जीटीवी अस्पताल नंदनगरी दिल्ली में काम करता है, उसके द्वारा बताये गये फर्जी खातो में डलवायी जाती है। जिससे कमीशन काट कर हमें पैसा नगद मिल जाता है। हमारी स्कूटी में रखे 3500 रु0 भी इसी घटना के है, हमारे द्वारा देहरादून में दो जगह, रुड़की-हरिद्वार में एक जगह तथा दिल्ली में 03 जगह व गाजियाबाद उ0प्र0 में 02 जगह इसी प्रकार का फ्राँड कर लगभग छह लाख पचास हजार (6,50,000/- रुपये) की ठगी की गयी है। अभियुक्त गौरव के द्वारा बताया कि वह स्कूटी चलाता है, इस प्रकार के दुकानदारो को ढूढता है, जो की पेटीएम का बार कोड यूज करते है तथा दुकान के सामने लगाते है। उसके बाद अभियुक्त हिमांशु एंव सुशील दोनो दुकान पर जाते हैं, जहाँ सुशील दुकानदार को बातो में लगाकर पेटीएम की केवाईसी व पेटीएम को यूज करने पर कटने वाले पैसो के बारे में बात करता है और इसी बीच हिमांशु दुकानदार के मोबाईल का सिम निकालकर अपने मो0फोन में लगाकर उसके पेटीएम का एक्सेस अपने फोन में ले लेता है, एंव दुकानदार के पेटीएम के नोटिफिकेशन बंद कर देता है, जिससे दुकानदार को पैसे ट्राँसफर होने का पता नहीं चल पाता है। जिसके बाद दुकानदार के मो0फोन में उसका सिम लगाकर वहाँ से चले जाते है। हमारे मो0फोन पर दुकानदार के पेटीएम का एक्सेस 48 घण्टे तक रहता है, इस बीच हम दुकानदार के एकाउंट से पैसे अन्य फर्जी खातो में डालकर उससे निकाल लेते है। आज पुनः हम तीनों घटना को अंजाम देहरादून आये थे पर उससे पूर्व ही पुलिस ने हमें गिरफ्तार कर लिया।



