
देहरादून /डोईवाला
कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी देहरादून से मुलाकात कर लच्छीवाला टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थान्तरित किये जाने की मांग की।
जिलाधिकारी को सौंपे पत्र के माध्यम से देहरादून के लच्छीवाला टोल प्लाजा पर हुए भीषण सड़क हादसे की ओर जिलाधिकारी देहरादून का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि इस मानव जनित भीषण एवं दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों को असमय काल कल्वित होना पड़ा है। जहां इस हादसे के लिए तेज गति से चलने वाले खनन सामग्री से भरे डम्पर को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है वहीं कहीं न कहीं इसके लिए गलत तरीके से स्थापित टोल प्लाजा भी जिम्मेदार है। वर्तमान में जिस स्थान पर टोल प्लाजा स्थापित किया गया है वह स्थान उतार पर स्थित है जहां पर तेज गति से चलने वाले भारी वाहन अपना नियंत्रण खो देते हैं जिसके चलते अक्सर बेगुनाह लोगों को हादसे का शिकार होना पड़ता है। भविष्य में इस प्रकार के हादसों से बचा जा सके इसके लिए टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थान्तरित किया जाना अति आवश्यक है।
नियमानुसार भी उक्त टोल प्लाजा नियमों के विरूद्ध बनाया गया है क्योंकि एक टोल प्लाजा से दूसरे टोल प्लाजा की दूरी कम से कम 60 कि.मी. होनी चाहिए परन्तु इसकी दूरी मात्र 30 कि.मी. है, जबकि केन्द्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री द्वारा टोल प्लाजा के 20 कि.मी. के दायरे में रह रहे निवासियों के लिये टोल फ्री करने के मानक निर्धारित करने की बात की जा रही है।
पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की कि व्यापक जनहित को मद्देनजर रखते हुए लच्छीवाला स्थित टोल प्लाजा को सुविधाजनक स्थान पर स्थान्तरित किया जाये।



