प्रेमचंद अग्रवाल प्रकरण

प्रेमचंद अग्रवाल प्रकरण पर धामी मंत्रिमंडल से अग्रवाल के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि अग्रवाल ने इस्तीफा तो दिया पर माफी नहीं मांगी बल्कि अपने पुराने स्टैंड पर अड़े हुए हैं कि मेरी बात को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया इससे पूरे राज्य में फैला आक्रोश समाप्त नहीं होगा । धस्माना ने कहा कि इंसान से जाने अनजाने गलतियां हो जाती हैं किन्तु अगर उसके लिए व्यक्ति जनता से माफी मांग ले तो वो छोटा नहीं हो जाता है बल्कि वक्त के साथ लोग गलतियों को माफ कर देते हैं और भूल भी जाते हैं। धस्माना ने कहा कि सबसे बड़े अफसोस की बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में कोई साफ स्टैंड नहीं लिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने मात्र इतना कहा कि हमने उनको तलब किया और अपना पक्ष रखने के लिए कहा। धस्माना ने कहा कि भाजपा के इस मुद्दे को नजरअंदाज करने से पूरे राज्य में जनता में भरी आक्रोश व्याप्त है और आज कांग्रेस के व प्रदेश की जनता के दबाव में प्रेमचंद को जो इस्तीफा देना पड़ा उससे लोगों का आक्रोश शांत होने वाला नहीं है क्योंकि जिस प्रकार से पहले प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन में असभ्य व असंसदीय भाषा का प्रयोग पर्वतीय समाज के लिए किया और उनके वक्तव्य पर अपना विरोध दर्ज करने पर कांग्रेस के विधायक लखपत बुटोला के साथ जिस प्रकार का व्यवहार पीठ पर विराजमान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी द्वारा किया गया उसने आग में घी के कम किया। धस्माना ने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर अभी तक ऋतु खंडूरी का कोई बयान नहीं आना भी दुर्भाग्यपूर्ण है।



