कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत धामी सरकार पर गरजे, कहा-मुझे ब्लैक में मिला सिलेंडर, चुकाने पड़े 1800 सौ रुपए
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर सरकार को घेरा

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने मौजूद गैस सिलेंडर किल्लत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में कैबिनेट मंत्री रहने के बावजूद शनिवार को उन्हें खुद अपने घर के लिए ब्लैक में सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसकी 1800 सौ रुपए कीमत चुकाई पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है।इसी बहाने उन्होंने सरकार पर जमकर हमला बोला।
पार्टी प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने गैस की किल्लत पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस समय पूरी तरह से फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह गढ़वाल यूनिवर्सिटी में डिफेंस के प्रोफेसर रहे हैं, प्रोफेसर रहते हुए उन्होंने एमए प्रीवियस के स्टूडेंट्स को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बारे में पढ़ाया है। आजादी के समय देश के बड़े बुरे हालात थे, उस समय देश के हालातों को सुधारने के लिए पूंजीवादी व्यवस्था, जिसका नेतृत्व अमेरिका कर रहा था और समाजवादी व्यवस्था हुआ करती थी, जिसका नेतृत्व रूस कर रहा था। उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के सामने धर्म संकट खड़ा हो गया कि अगर हम पूंजीवादी व्यवस्था के साथ खड़े होते हैं तो साम्यवादी व्यवस्था के राष्ट्र हमारा सहयोग नहीं करेंगे, जबकि हमको सबके सहयोग की अपेक्षा रही थी।
तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ऐसी व्यवस्था की और गुटनिरपेक्ष आंदोलन की शुरुआत की। लेकिन आज हमें यह पता था कि ईरान के रास्ते से गैस और ईंधन भारत पहुंचता है। जिसपर भारत सरकार की फॉरेन पॉलिसी पूरी तरह से फेल साबित हुई है। आज देश और प्रदेश में गैस और ईंधन पर संकट की उत्पन्न हो गई है। विशेष कर एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अवरुद्ध होने से कई रेस्टोरेंट, होटलों का कारोबार चौपट हो गया है, नौबत यह आ गई है कि होटल, रेस्टोरेंट, बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों को चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है. इससे हालात और भी खराब हो गए हैं। कई ऐसे रेस्टोरेंट और होटल हैं, जहां लकड़ी से चूल्हे जलाने की व्यवस्था नहीं है। हरक सिंह रावत का कहना है कि 2 दिन पूर्व उन्होंने देहरादून के जिला पूर्ति अधिकारी को दो घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन उनका जवाब आया कि पूरी तरह से गैस सिलेंडर प्रतिबंधित किए गए हैं, इसलिए हम आपको सिलेंडर नहीं दे सकते हैं। सरकार कोई भी बयान दे रही हो, मगर सच्चाई यह है कि गैस सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं।



