देहरादून

अस्पताल को भी नहीं बख्शा दलालों ने, मोटी कमीशन डकारे और हुए फरार : नेगी

जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर. राजेश कुमार से भेंट कर डाकपत्थर स्थित संयुक्त चिकित्सालय को संचालित करने का आग्रह किया, जिस पर सचिव, स्वास्थ्य ने महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य को आठ जुलाई 25 को चिकित्सालय शुरू करने के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत करने एवं मैनपॉवर डेप्लॉय (तैनात) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दलालों ने अस्पताल को भी नहीं बख्शा है और मोटी कमीशन डकार कर फरार हो गये।
इस अवसर पर नेगी ने कहा है कि मोर्चा के अथक प्रयास से 15 मई 2025 में चिकित्सालय भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तगत (हैंडओवर) हो चुका है। नेगी ने कहा कि लगभग 13 करोड़ की लागत से वर्ष 2021 में स्वीकृत 50 बेड का संयुक्त चिकित्सालय लगभग एक वर्ष पूर्व उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम द्वारा बनाकर तैयार किया जा चुका है, लेकिन चिकित्सालय भवन को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हस्तगत करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
उन्होंने कहा कि जिस कारण जनता की गाड़ी कमाई बर्बाद होने के कगार पर थी, जिसको मोर्चा द्वारा हस्तगत करवाया गया और उन्होंने कहा कि आलम यह है कि विकासनगर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत अधिकांश मामलों में सिर्फ ठेकेदारी की कमाई हड़पने के उद्देश्य से बिल्डिंग्स,पुल इत्यादि तैयार हो रहे हैं, लेकिन आमजन को कैसे सुविधा मिले, इसके लिए जिम्मेदार तैयार नहीं हैं, उनको सिर्फ अपनी कमीशन से मतलब है।
उन्होंने कहा कि ऐसे दलालों का सफाया करने का बीड़ा मोर्चा द्वारा उठाया गया है और उन्होंने कहा कि अगर हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो जातीं तो निश्चित तौर पर उप जिला चिकित्सालय, विकासनगर के मरीजों को भी राहत मिलती एवं डाकपत्थर व आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी सुविधा होती है। इन गैर जिम्मेदार नेताओं दलालों की वजह से गरीबों को महंगे दामों पर इलाज कराने हेतु इधर-उधर भटकना पड़ रहा है ।
इस अवसर पर मोर्चा ने स्वास्थ्य मंत्री को भी चेताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की तरफ ध्यान दीजिए, वरना आवास पर मोर्चा डेरा डाल देगा और मोर्चा को भरोसा है कि उक्त चिकित्सालय जल्दी ही जनता को समर्पित होगा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

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