देहरादून

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र को लेकर घमासान, कांग्रेस बोली- कम से कम 21 दिन चले विधानसभा बजट सत्र

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र की तिथियों का ऐलान होते ही पक्ष-विपक्ष एक दूसरे को घेरने में लगे

उत्तराखंड विधानसभा बजट का सत्र आगामी 9 से 13 मार्च तक गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा। ऐसे में जहां एक ओर शासन और विधानसभा स्तर से बजट सत्र की तैयारियां तेज हो गई है तो वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की रणनीति तैयार करने की जुट गई है। विपक्ष बिगड़ती कानून व्यवस्था, बदहाल स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, भ्रष्टाचार बेरोजगारी, मनरेगा कानून की पुनः बहाली और राजधानी गैरसैंण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय व्यय को लेकर विधानसभा बजट सत्र का आयोजन उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैण विधानसभा भवन में किया जाना है। जिसके लिए उत्तराखंड विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से विधानसभा सचिव को तिथियां तय कर पत्र भेज दी गई है।
ऐसे में विधानसभा बजट सत्र के इन तिथियों पर राज्यपाल की मंजूरी के लिए विधानसभा की ओर से लोकभवन पत्र भेजा गया है। जिस पर राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिव की ओर से बजट सत्र आहूत करने संबंधित फाइनल तिथियों का ऐलान कर दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर बजट सत्र की तिथियों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक घमासान शुरू हो गई है।
किसी भी राज्य के लिए विधानसभा बजट सत्र काफी महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आय व्यय पेश किया जाता है। साथ ही प्रदेश की तमाम ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा किया जाता है। यही वजह है कि विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सदन की कार्यवाही की ज्यादा दिनों तक चलाने की मांग कर रही है।
ताकि, सदन के भीतर जनता से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विषयों और ज्वलंत मुद्दों पर बेहतर ढंग से चर्चा किया जा सके। क्योंकि, जनता को अपने विधायकों से उम्मीदें होती है कि उनके क्षेत्र की समस्याओं को सदन के भीतर उठाया जाएगा, लेकिन ज्यादा दिन सदन की कार्यवाही न चलने की वजह से बेहतर ढंग से सदन के भीतर चर्चा नहीं हो पाती है।

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