गांधी और शास्त्री जयंती पर कांग्रेस ने किया विचार गोष्ठी का आयोजन,
धस्माना बोले: महात्मा गांधी का ‘अहिंसा मंत्र’ और शास्त्री जी की ईमानदारी, कांग्रेस की सबसे बड़ी पूंजी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित विचार गोष्ठी में कांग्रेस नेताओं ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भारत की आजादी का सबसे बड़ा मूल मंत्र महात्मा गांधी द्वारा दिया गया अहिंसात्मक सत्याग्रह था। उन्हीं के नेतृत्व में करोड़ों निहत्थे भारतीय अंग्रेजों की तोपों और संगीनों के सामने खड़े हो गए और आजादी का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया गांधीजी के विचारों को आत्मसात कर रही है, और जहां कहीं भी अन्याय, हिंसा या अत्याचार होता है, वहां गांधी का ‘अहिंसा मंत्र’ याद किया जाता है।
धस्माना ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के त्याग और ईमानदारी को याद करते हुए कहा, एक रेल दुर्घटना होने पर शास्त्री जी ने तत्काल रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने सीमित समय में ईमानदारी व निष्ठा की ऐसी मिसाल पेश की कि आज भी वे जनमानस में अमिट छाप छोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि गांधीजी की अहिंसा और शास्त्री जी की ईमानदारी कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे संरक्षित रखना और उसका पालन करना हम सभी का कर्तव्य है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि
गांधी के शरीर को मारने वाली शक्तियां आज उनके विचारों पर चलने वालों को भी खत्म करना चाहती हैं। इसी कारण श्री राहुल गांधी को धमकियां दी जा रही हैं। लेकिन वे भूल जाते हैं कि गांधीजी के विचार भारत के रग-रग में बसे हैं, उनकी हत्या संभव नहीं।
श्री धस्माना ने इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राज्य निर्माण के संघर्ष में जिन आंदोलनकारियों ने शहादत दी, उनके सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जगदीश धीमान, सुनील जायसवाल, दिनेश सिंह कौशल, विशाल मौर्य, पुनीत चौधरी, आदर्श सूद, वीरेंद्र पंवार, लक्की राणा, पूनम कंडारी, इलियास अंसारी सहित कई नेताओं ने गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन पर प्रकाश डाला।
इससे पूर्व पार्टी कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत, सूर्यकांत धस्माना, डॉ. गोगी समेत अन्य पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी और शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।



