राज्यपाल ने किया आदि कर्मयोगी अभियान का विमोचन
देहरादून में राजभवन पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस और झारखंड स्थापना दिवस

राजभवन में शनिवार को जनजातीय गौरव दिवस और झारखंड राज्य स्थापना दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा जी के राष्ट्र के प्रति अद्वितीय योगदान और साहस को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में एकलव्य बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने जौनसारी संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने जनजाति कल्याण विभाग द्वारा तैयार की गई पुस्तक आदि कर्मयोगी अभियान का विमोचन किया।
राज्यपाल ने भगवान बिरसा मुंडा जी के संघर्ष और साहस को याद करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज के साहस, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक जनजातीय समुदाय का योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति-सम्मत जीवन शैली, परिश्रम, समानता, सामाजिक सहयोग और मातृभूमि के प्रति अटूट निष्ठा जैसे मूल्य पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
राज्यपाल ने जनजातीय समुदायों के उत्थान, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया और कहा कि उनका ज्ञान, साहस और जीवन-दर्शन भारत की समृद्धि और एकता की धरोहर है।
उन्होंने झारखंड राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 15 नवम्बर केवल झारखंड के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय गौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने झारखंड के प्राकृतिक संसाधन, औद्योगिक सामर्थ्य और युवा प्रतिभा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक भारत, श्रेष्ठ भारत अभियान को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इस पहल ने विभिन्न राज्यों और समुदायों के बीच आपसी सहभागिता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।
इस अवसर पर सचिव रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव रीना जोशी, निदेशक समाज कल्याण संजय सिंह टोलिया, अपर निदेशक योगेन्द्र सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



