लैंड पार्सल का हो इष्टतम उपयोग: मुख्य सचिव बर्द्धन
हॉलिस्टिक प्लान के साथ शुरू हों उपयुक्त प्रोजेक्ट, सचिवालय में अनुशंसा समिति की बैठक, विभागों को गैर-प्रयुक्त भूमि हस्तांतरित करने पर जोर

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में भूमि के इष्टतम उपयोग के लिए गठित अनुशंसा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभिन्न लैंड पार्सलों पर प्रस्तावित परियोजनाओं की योजना बनाते समय भूमि का अधिकतम और उपयुक्त उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी लैंड पार्सल में प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जिलाधिकारी के अधीन साइट सेलेक्शन कमेटी उसकी अवस्थिति, उपयोगिता और संभावनाओं को देखते हुए सबसे उपयुक्त परियोजना का चयन करे। उन्होंने कहा कि बड़े लैंड पार्सलों में आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा सकते हैं, जिसके लिए एक समग्र (हॉलिस्टिक) प्लान तैयार करने की जरूरत है।
बैठक में विभिन्न लैंड पार्सलों से संबंधित पूर्व में लिए गए निर्णयों और अब तक की कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि कई विभागों के पास ऐसी भूमि उपलब्ध है जिसका या तो बिल्कुल उपयोग नहीं हो रहा या बहुत कम उपयोग हो रहा है। ऐसी स्थिति में यदि कोई लैंड पार्सल किसी अन्य विभाग की परियोजना के लिए अधिक उपयुक्त हो, तो भूमि आपसी सहमति से हस्तांतरित की जा सकती है। उन्होंने सभी विभागों को संयुक्त दृष्टिकोण अपनाते हुए समग्र योजना तैयार करने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, युगल किशोर पंत, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही हरिद्वार और टिहरी जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि भूमि संसाधनों का बेहतर उपयोग राज्य की विकास योजनाओं को गति देगा और विभागों के बीच समन्वय स्थापित होने से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।


