लोकभवन में 27 फरवरी से होगा वसन्तोत्सव, सजेगा फूलों का संसार
निशुल्क दीदार कर सकेगी जनता, वसन्तोत्सव कार्यक्रम के लिए देश के तमाम राज्यों के पुष्प उत्पादकों को आमंत्रित किया जा रहा

देहरादून: उत्तराखंड लोक भवन में हर साल की तरह इस साल भी तीन दिवसीय वसन्तोत्सव 2026 का आयोजन होने जा रहा है. उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से इस साल लोकभवन में 27 फरवरी से 1 मार्च तक वसन्तोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस साल वसन्तोत्सव की थीम Floral Healing: Nature’s Path to Well Being तय की गई है। इसमें प्रकृति और पुष्पों के जरिए मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक कल्याण को दर्शाया गया है। इसके साथ ही भोज पत्र (Betula utilis) के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं औषधीय महत्व पर विशेष फोकस किया गया है. आम जनता 27 फरवरी से 1 मार्च तक वसन्तोत्सव का निशुल्क लुफ्त उठा सकती है।
वसन्तोत्सव- 2026 की खास बात ये है कि पहली बार हाइड्रोपोनिक कल्टीवेशन टेक्नोलॉजी डेमोंसट्रेशन प्रतियोगिता में सॉइल लेस तकनीकी को भी शामिल किया गया है। स्पेशल पोस्ट कवर के रूप में भोज पत्र का चयन किया गया है। जिसका विमोचन कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल करेंगे। कार्यक्रम के लिए दिल्ली समेत अन्य राज्यों के पुष्प व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी प्रदर्शनी में आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के उद्यान विभाग और केंद्र सरकार के संस्थानों को भी अपने संस्थान की उपलब्धियां और अनुसंधानों की प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
लोकभवन में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय वसन्तोत्सव कार्यक्रम में प्रदेश के 30 से अधिक विभाग शामिल होंगे। पहली बार। इस कार्यक्रम में रिदमिक योगा कार्यक्रम के लाइव प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, देहरादून और निरामया योग्य रिसर्च फाउंडेशन, हरिद्वार को बुलाया गया है। इसके अलावा, वसन्तोत्सव कार्यक्रम को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त रखने के साथ ही मौसम से संबंधित जानकारी के लिए मौसम विभाग का स्टाल भी लगाया जाएगा। इस साल फूलों से सजे वहां के जरिए देहरादून शहर के तमाम मार्गों पर वसन्तोत्सव का प्रचार- प्रसार किया जाएगा।
वसन्तोत्सव कार्यक्रम के दौरान आम जनता और कृषकों में पुष्प उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए तमाम प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से 15 प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल 55 उप श्रेणी बनाए गए हैं। जिसमें प्रथम द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। कुल मिलाकर 165 पुरस्कार विजेताओं को दिए जाएंगे। इसके अलावा कृषि एवं कृषि कल्याण के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे तीन उत्कृष्ट कृषकों, तीन उत्कृष्ट महिला कृषकों और स्टार्टअप्स के जरिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे तीन अग्रणी युवाओं को यानी कुल 9 लोगों को राज्यपाल सम्मानित करेंगे। इन सभी के चयन के लिए समिति का गठन भी किया जाएगा।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव एसएन पांडेय ने कहा राजपाल ने आज वसन्तोत्सव 2026 का कर्टेन रेजर किया है। 27 फरवरी से 1 मार्च तक लोकभवन में वसन्तोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए थीम भी निर्धारित की गई है। इसके अलावा कार्यक्रम में विशेष फोकस भोजपत्र के संरक्षण और संवर्द्धन पर भी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान 15 कैटेगरी में 165 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।



