देहरादून

समीक्षा के नाम पर घोटालों और स्थायी राजधानी पर उठा प्रश्न

उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के 25 सालों के विकास और प्रशासनिक गतिविधियों पर आत्ममंथन किया जा रहा है। इस अवसर पर हरिद्वार की खानपुर विधानसभा से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने सरकार पर तीखे हमले किए और भ्रष्टाचार, शराब फैक्ट्रियों और स्थायी राजधानी को लेकर सवाल खड़े किए।
उमेश कुमार ने कहा आज 25 साल पूरे होने पर राज्य के भविष्य की योजनाओं की चर्चा बाद में की जा सकती है, लेकिन पहले इन 25 सालों में हुए तमाम घोटालों और भ्रष्टाचार की समीक्षा जरूरी है। राजनीतिक संरक्षण में भ्रष्टाचार ने राज्य में पैर पसारे हैं। कई प्रोजेक्ट बाहरी लोगों को मुंह मांगे दामों पर दिए गए हैं।
उन्होंने शराब उद्योग को लेकर कहा, उत्तराखंड में देवभूमि के नाम पर शराब फैक्ट्रियां खोली जा रही हैं। स्थानीय रोजगार और उत्पाद की बात कही गई थी, लेकिन असल में केवल बॉटलिंग हो रही है और करोड़ों रुपए का टैक्स बचाया जा रहा है।
स्थायी राजधानी को लेकर उन्होंने सदन में कहा 25 सालों में राज्य को स्थायी राजधानी नहीं मिली। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राजधानी देहरादून में बनेगी या गैरसैंण में। यह सबसे बड़ा फेलियर है।
वहीं, विशेष सत्र अब एक दिन और बढ़ा दिया गया है और 5 नवंबर को सरकार जवाब देगी।

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