सीएम धामी की मंजूरी के बाद यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में होगी स्थायी एमडी की नियुक्ति

देहरादून: उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों में लंबे समय से चल रही कामचलाऊ प्रबंध निदेशक व्यवस्था जल्द समाप्त होने जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड में स्थायी प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। अब चयन समिति की संस्तुतियां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के लिए भेजी जा रही हैं, जिसके बाद नियुक्तियों का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
ऊर्जा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि प्रबंध निदेशक पदों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब नियुक्ति संबंधी आगे की औपचारिकताएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद तीनों निगमों को स्थायी नेतृत्व मिल जाएगा।
प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े इन महत्वपूर्ण निगमों में लंबे समय से प्रबंध निदेशक और अन्य शीर्ष पदों पर अस्थायी व्यवस्थाओं के जरिए कामकाज संचालित किया जा रहा था। इसे लेकर कर्मचारियों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा लगातार स्थायी नियुक्तियों की मांग उठाई जा रही थी। उनका मानना था कि अस्थायी व्यवस्था के कारण कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों और दीर्घकालिक योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं आती हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार तीनों निगमों में प्रबंध निदेशक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इन पदों के लिए कुल 18 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। प्रारंभिक जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद 16 अभ्यर्थियों को पात्र पाया गया, जबकि निर्धारित तिथि पर 14 उम्मीदवार साक्षात्कार में शामिल हुए।
सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति ने उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया। इस दौरान उनकी प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी अनुभव, प्रबंधन कौशल और ऊर्जा क्षेत्र में कार्य अनुभव का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति ने अपनी संस्तुतियां शासन को सौंप दी हैं।
अब अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद लिया जाएगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के नए प्रबंध निदेशकों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति से ऊर्जा उत्पादन, विद्युत वितरण, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार से जुड़े निर्णयों को गति मिलेगी। साथ ही निगमों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य की परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उत्तराखंड जैसे जल विद्युत संभावनाओं से भरपूर राज्य में ऊर्जा क्षेत्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में तीनों प्रमुख ऊर्जा निगमों को स्थायी और सक्षम नेतृत्व मिलने से राज्य के ऊर्जा ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ बिजली सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।



