
देहरादून/उदयपुर: भारत के आर्थिक व सामाजिक विकास में पर्यटन क्षेत्र की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट स्थान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। यह बातें उन्होंने उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय ‘राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन’ में कहीं।
मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नए-नए पर्यटन गंतव्यों को विकसित करने का अभियान जारी है, वहीं उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पर्यटन की हर विधा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अब जल, थल और आकाश पर्यटन के क्षेत्रों में नए कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ रहा है। थल पर्यटन के तहत हाई अल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन किया जा रहा है, जो 4700 मीटर ऊंचाई वाले आदि कैलाश पर होगा। जल पर्यटन के अंतर्गत वॉटर फेस्टिवल और एको फेस्टिवल जैसे आयोजन कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। आकाश पर्यटन में पहली बार बच्चों को पैराग्लाइडिंग कोर्स दिए जा रहे हैं, ताकि वे भविष्य में टैंडम पायलट बन सकें।
सतपाल महाराज ने युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। थल अभियानों के लिए बेसिक और एडवांस कोर्स में स्पॉन्सरशिप दी जा रही है, जल अभियानों में फर्स्ट एड कोर्स तथा महिलाओं के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। आकाश अभियानों में बच्चों के लिए पैराग्लाइडिंग कोर्स नए अवसर प्रदान करेगा।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित अन्य राज्यों के पर्यटन मंत्रियों ने सांस्कृतिक विरासत संरक्षण एवं पर्यटन विकास पर विस्तृत चर्चा की।



