उत्तराखंड राज्य के स्थापना दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की तैयारी
राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की उपस्थिति होगी यादगार

उत्तराखंड अपने गठन की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है और इस अवसर को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विशेष सत्र और अन्य गतिविधियों की पूरी तैयारी हो रही है।
सूत्रों की जानकारी के अनुसार, इस वर्ष के राज्य स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की संभावना है। हालांकि प्रारंभिक योजना के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 नवंबर को उत्तराखंड दौरे पर आ रहे थे, लेकिन अब उनके दौरे में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। राज्य भाजपा की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि प्रधानमंत्री का दौरा अब 9 नवंबर या किसी अन्य दिन हो सकता है, ताकि 25वें स्थापना दिवस को और भी यादगार बनाया जा सके।
उत्तराखंड प्रशासन ने प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित तैयारियों को तेज कर दिया है। देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (एफआरआई) में भव्य कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है। वहीं, राज्य सरकार ने राज्य स्थापना दिवस को लेकर दो दिवसीय विशेष सत्र भी आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसमें 3 नवंबर को पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य के विकास की गाथा पर अपना संबोधन देंगी।
प्रदेशभर में 1 नवंबर से ही स्थापना दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, युवा और समाजसेवी कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और विकास की कहानी आम जनता तक पहुँचाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य न केवल 25 वर्ष के सफर को यादगार बनाना है, बल्कि युवाओं और नागरिकों में प्रदेश के प्रति गर्व की भावना को भी प्रबल करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का राज्य स्थापना दिवस प्रशासन, आमजन और केंद्रीय नेतृत्व की सहभागिता के कारण ऐतिहासिक होगा। उत्तराखंड की 25 वर्षीय यात्रा का उत्सव न केवल प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है, बल्कि पूरे देश के लिए भी उत्तराखंड की उपलब्धियों और विकास की कहानी साझा करने का माध्यम बनेगा।



