
प्रदेश के सैनिक कल्याण, कृषि एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के भीतरली गांव का दौरा कर अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रास्ता जल्द से जल्द खोलने के लिए अधिकतम टीमें लगाई जाएं और मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा स्थानीय लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए कार्य में कोई कोताही न बरती जाए।
“मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।”
मंत्री गणेश जोशी ने भीतरली के बाद आपदा प्रभावित क़िमाड़ी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और वहां की भौगोलिक परिस्थितियों तथा स्थानीय समस्याओं का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा से प्रभावित बुनियादी ढांचों की बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित इलाकों की नियमित मॉनिटरिंग हो।
प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय तक पहुंचाई जाए ताकि जरूरत पड़ने पर और संसाधन दिए जा सकें।
मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है और वह स्वयं हर कार्य की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की ताकि मरम्मत कार्य में कोई बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मंत्री के दौरे और त्वरित कार्रवाई के निर्देशों का स्वागत करते हुए सरकार का आभार जताया।
भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मसूरी क्षेत्र के भीतरली और क़िमाड़ी जैसे इलाकों में राहत और पुनर्निर्माण कार्य अब तेज़ी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
मंत्री गणेश जोशी के सक्रिय निरीक्षण और सख्त निर्देशों से ज़मीनी स्तर पर फर्क दिख सकता है बशर्ते अधिकारी समय पर काम को अंजाम दें।



