महासंघ ने चेताया:10 नवम्बर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा
कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही सरकार

उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार की बेरुखी के खिलाफ उत्तराखण्ड उपनल कर्मचारी महासंघ ने शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर सरकार को दो टूक चेतावनी दी। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसे बरकरार रखे जाने के बावजूद सरकार जानबूझकर निर्णय लागू नहीं कर रही है।
गोदियाल ने बताया कि 15 अक्टूबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज करते हुए हाईकोर्ट का आदेश यथावत रखा था, जिसमें समान कार्य के लिए समान वेतन और चरणबद्ध नियमितीकरण की बात कही गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा भी कई बार ठोस नीति बनाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक कोई नीति सामने नहीं आई।
उन्होंने बताया कि उपनल कर्मचारियों ने 12 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें पुनः ठोस नियमावली का वादा किया गया था। इसके बावजूद आज भी कर्मचारियों को केवल आश्वासन और कागजी कार्रवाई से बहलाया जा रहा है।
महासंघ ने घोषणा की कि 15 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में देहरादून में कैंडिल मार्च निकाला जाएगा। वहीं 25 अक्टूबर से प्रदेश कार्यकारिणी जिलों का भ्रमण कर आंदोलन की रणनीति बनाएगी और यदि 09 नवम्बर 2025 तक मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 10 नवम्बर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
सीनियर एडवोकेट एमसी पंत ने कहा कि सरकार हर साल कमेटियों का गठन कर प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट का मामला अलग है, लेकिन संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई सड़क से भी लड़ी जा सकती है।
कर्मचारियों पर अत्याचार, कई विभागों से हटाए गए लोग
महासंघ के महामंत्री विनय प्रसाद ने बताया कि उद्योग, ईएसआई, दून मेडिकल कॉलेज जैसे विभागों में कर्मचारियों को जबरन हटाया जा रहा है या सेवा विस्तार नहीं दिया जा रहा है। सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज समेत कई जगहों पर मानदेय तक नहीं दिया जा रहा है। वहीं, कुछ विभागों में निजी एजेंसियों से सेवाएं ली जा रही हैं, जो नीति के खिलाफ है।
15-20 वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के साथ अन्याय
प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि उपनल कर्मचारी 15 से 20 वर्षों से विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। महासंघ अब आरपार की लड़ाई के मूड में है और चरणबद्ध हड़ताल का ऐलान कर चुका है।
![]()



