भूकम्प मॉक ड्रिल में उत्तरकाशी की तैयारियों की हुई बड़ी परीक्षा
जिले में सात स्थानों पर चला सर्च–रेस्क्यू अभियान, 99 लोगों को सकुशल निकाला गया

मोरी/उत्तरकाशी। राज्य स्तरीय भूकम्प एवं भूकम्प जनित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शनिवार को पूरे जनपद में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सुबह 9:45 बजे 6.2 तीव्रता के भूकम्प की परिकल्पना के साथ अभ्यास शुरू हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी/रिस्पांसिबल ऑफिसर प्रशान्त आर्य ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए आईआरएस प्रणाली को सक्रिय करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही संबंधित विभागों के अधिकारी आपदा परिचालन केंद्र में पहुंचकर अपनी-अपनी भूमिकाओं में जुट गए।
जिले में 7 स्थानों पर भूकम्प मॉक ड्रिल की गई जिला अस्पताल, जीआईसी बड़कोट, डुंडा ब्लॉक कार्यालय कॉलोनी, 33 केवी विद्युत उपकेंद्र लदाड़ी, जांगला ब्रिज, सिलक्यारा टनल और केदारताल क्षेत्र। संबंधित अधिकारियों की निगरानी में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित हुए। बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का अभ्यास किया।
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने बताया कि भूकम्प जनित आपदाओं से निपटने के लिए जिले की तैयारियों को परखा गया, और मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक पूर्ण हुई। ड्रिल के दौरान विभिन्न स्थानों से 99 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि परिकल्पना के अनुसार 63 सामान्य रूप से घायल, 41 गंभीर रूप से घायल और 5 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई।
मॉक ड्रिल में एसपी कमलेश उपाध्याय, सीडीओ जय भारत सिंह, एडीएम मुक्ता मिश्र, सीईओ अमित कोठियाल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं, पुलिस, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न विभागों की टीमें मौजूद रहीं।



