प्रधानाचार्यों की सेवा नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक अहम फैसला लिया गया। बैठक में राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे अब पदोन्नति, तैनाती और योग्यता मानकों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सकेगी। वहीं हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के सुचारू संचालन के लिए 82 पदों पर नियुक्ति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
यहां सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में तीन अहम बिन्दुओं पर मोहर लगाई गई और इस अवसर पर बैठक में शिक्षकों को स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा और नए संशोधनों के तहत अब प्रधानाचार्य बनने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और स्पष्ट हो गई है। बैठक में यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की मांगों और प्रशासनिक पेचिदगियों को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इससे योग्य शिक्षकों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलेगा और स्कूलों में प्रशासनिक कुशलता भी बढ़ेगी। बैठक में हरिद्वार कुंभ की तैयारी को गति प्रदान करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है और कैबिनेट ने आगामी हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के सुचारू संचालन के लिए 82 पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी है और इन पदों पर नियुक्त कार्मिकों से साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और समन्वय कार्यों को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट की बैठक में ई-स्टैंप सेवा में सुधार किया गया है और राज्य में ई-स्टैंप व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने के लिए भी प्रस्ताव पारित किया गया। अब नागरिकों को स्टांप खरीदने के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा, और क्योंकि प्रक्रिया और ज्यादा डिजिटल और सुगम हो जाएगी। इससे राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आएगी।
इस अवसर पर कैबिनेट की बैठक में लिए गयेे यह निर्णय राज्य प्रशासनिक ढांचे को न केवल अधिक आधुनिक और सुगठित बनाएंगे, बल्कि शिक्षा, आयोजन और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाएंगे। विशेष रूप से शिक्षा विभाग में पारदर्शिता को लेकर लिया गया फैसला भविष्य की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट की बैठक में मंत्रिमंडल के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।



