9th इंडिपेंडेस माउंटेन ब्रिगेड ने केदारनाथ आपदा क्षेत्र में दो पैदल पुलों का निर्माण कर आवाजाही शुरू
रिकार्ड समय मे तैयार किए गए 80 एवं 70 फीट लम्बाई के पुल

जोशीमठ
केदारनाथ में नौ स्वतंत्र पर्वतीय ब्रिगेड ग्रुप की इंजीनियर यूनिट के मार्गदर्शन मे भारतीय सेना के जोश और जज्बे से लबरेज जाबांज सैनिकों इंजीनियरों और अधिकारियो की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए केदारनाथ आपदा मे फंसे हजारों श्रद्धांलुओं को सुरक्षित निकालने के लिए मोर्चा संभालते हुए रिकार्ड समय मे पैदल पुलों का निर्माण कर केदार पूरी छेत्र में फंसे तीर्थ यात्रियों को एक छोर से दूसरे छोर पर पहुचाते हुए आवाजाही शुरू कराई।

दरअसल केदारनाथ आपदा की गंभीर स्थिति व हजारों तीर्थ यात्रियों के श्री केदारनाथ धाम, लिंचौली, भीमबली व गौरीकुण्ड के साथ ही जंगलों से सकुशल निकालने की चुनौती को स्वीकार करते हुए भारतीय सेना के अधिकारियों जेसीओ एवं जवानों की टीम 4अगस्त को तड़के सोनप्रयाग पहुंची।
जहां आपदा प्रभावित छेत्र का प्रारम्भिक सर्वे के बाद सेना ने मन्दाकिनी पर पैदल पुल के निर्माण व जरुरी सामानो को निकालने की योजना पर कार्य शुरू किया तथा रिकार्ड समय मे मन्दाकिनी नदी पर 80फीट व 70फीट लम्बाई के दो पुल बनाकर तैयार किए, इसी के साथ सेना ने पाँच सौ फीट लम्बा एक एरियल केबिल भी तैयार किया ताकि जरुरी सामान व आपातकालीन आवागमन कराया जा सके।
केदारनाथ आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों मे सेना की नौ स्वतंत्र पर्वतीय ब्रिगेड की इंजीनियर यूनिट के अलावा अन्य यूनिटों के कुल 141जवान जुटे हैं।भारतीय सेना की इस जाबांज टुकड़ी के इस जज्बे को केदार घाटी में फंसे तीर्थ यात्रियों सहित स्थानीय लोगों द्वारा काफी सराहा गया है, सूबे के चीन बोर्डर से सटी भारतीय सीमा और सामरिक दृष्टि से अति संवेदन शील चौकियों को निगीहबानी सुरक्षा का दायित्व बखूबी निभाने के साथ भारतीय सेना के इंजिनियरिंग कोर के विशेष दस्ते द्वारा केदारनाथ आपदा से लेकर ऋषि गंगा जल आपदा,सहित कई महत्व पूर्ण समय पर आपदा प्रबंधन सहित राहत और बचाव कार्य में अपने अनुभव का प्रयोग करते हुए सहयोग किया जाता रहा है ।



