ऋषिकेश

ऋषिकेश में किन्नरों की बधाई पर बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव

अब शुभ अवसरों पर 2100 रुपए से अधिक की मांग नहीं

ऋषिकेश। ऋषिकेश नगर निगम ने किन्नरों द्वारा बधाई के नाम पर की जाने वाली कथित मनमानी वसूली पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। देहरादून नगर निगम के बाद अब ऋषिकेश नगर निगम बोर्ड बैठक में भी इस मुद्दे पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया है।
नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्ड पार्षद अभिनव सिंह मलिक द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी पार्षदों ने समर्थन देते हुए सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। प्रस्ताव के अनुसार अब शहर में किसी भी शुभ अवसर पर किन्नर समुदाय द्वारा बधाई के बदले अधिकतम 2100 रुपए की राशि ही ली जा सकेगी।
नगर निगम बोर्ड के फैसले के तहत विवाह समारोह, शिशु जन्म, गृह प्रवेश और अन्य शुभ आयोजनों में बधाई के नाम पर मनमानी धनराशि की मांग नहीं की जा सकेगी। यदि किसी परिवार या व्यक्ति पर तय सीमा से अधिक धनराशि देने का दबाव बनाया जाता है, तो वह इसकी शिकायत प्रशासन से कर सकेगा।
नगर निगम का मानना है कि इस निर्णय से आम नागरिकों को राहत मिलेगी और कई बार होने वाले विवादों पर भी रोक लग सकेगी।
बैठक के दौरान पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने कहा कि कई बार लोगों से बधाई के नाम पर अत्यधिक रकम मांगी जाती है। रकम नहीं देने की स्थिति में विवाद और असहज माहौल भी पैदा हो जाता है, जिससे खुशियों के मौके पर परिवारों को परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि समाज में परंपराओं और किन्नर समुदाय के सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए, लेकिन किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या दबाव उचित नहीं माना जा सकता। इसी उद्देश्य से यह प्रस्ताव लाया गया।
नगर निगम बोर्ड बैठक में मौजूद अन्य पार्षदों ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी और सामाजिक विवाद कम होंगे। उनका कहना था कि लंबे समय से इस तरह की शिकायतें सामने आ रही थीं, इसलिए इस विषय पर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी थी।
प्रस्ताव पारित होने के बाद अब इसे प्रशासनिक स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर निगम प्रशासन जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
नगर निगम के इस फैसले के बाद शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई लोगों ने इसे जनहित में लिया गया फैसला बताया है। स्थानीय निवासी दीपक रावत और संतोष नेगी सहित कई नागरिकों ने नगर निगम बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है।
लोगों का कहना है कि इससे जरूरत से ज्यादा धनराशि मांगने और अनावश्यक विवादों की घटनाओं में कमी आएगी।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि यह प्रस्ताव पार्षद अभिनव सिंह मलिक द्वारा बोर्ड बैठक में रखा गया था, जिसे सभी सम्मानित पार्षदों की सहमति से पारित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले 29 अप्रैल को देहरादून नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी इसी मुद्दे पर चर्चा हुई थी। वहां पार्षदों द्वारा निर्णय लिया गया था कि किन्नरों को बधाई स्वरूप अधिकतम 5100 रुपए तक की राशि ही दी जाएगी।
अब ऋषिकेश नगर निगम द्वारा भी इसी तरह का निर्णय लिए जाने के बाद यह मुद्दा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।

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