रामनगर

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मोबाइल फोन प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अब कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभी पर्यटन जोनों में सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन साथ रखने की अनुमति नहीं होगी। पार्क प्रशासन ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उप निदेशक राहुल मिश्रा ने बताया, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोर हैबिटेट और पर्यटन क्षेत्रों में सफारी के दौरान स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं होगा। पर्यटक केवल प्रॉपर कैमरा जैसे डीएसएलआर कैमरा अपने साथ ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन को प्रवेश द्वार पर ही जमा करना अनिवार्य होगा। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव प्रेमी एवं नेचर गाइड संजय छिम्वाल ने बताया कि पहले कुछ घटनाओं के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया। उनका कहना है कि मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो लेने के दौरान कई बार पर्यटक या गाइड वन्यजीवों के करीब चले जाते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा रहता है और जानवर तनाव में आ जाते हैं।
संजय छिम्वाल ने आगे बताया, कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की सुविधा होने के कारण जानवरों की मूवमेंट की जानकारी साझा की जाती है। इससे किसी विशेष स्थान पर जिप्सियों की भीड़ बढ़ जाती है, जो न केवल वन्यजीवों के लिए, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए भी जोखिमपूर्ण है। यही कारण है कि कॉर्बेट प्रशासन ने मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की कवायद शुरू की है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, पंजीकृत टूर गाइड, जिप्सी एवं सफारी वाहन चालक, नेचरलिस्ट, कोर जोन में कार्यरत होटल और लॉज संचालक और पार्क के भीतर प्रवेश करने वाला कोई भी स्टाफ मोबाइल फोन अपने पास नहीं रख सकेगा। नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी जोनों में सफारी के दौरान मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे।

प्रतिबंधित जोन और सुविधाएँ

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में निम्नलिखित पर्यटन जोनों में डे सफारी और नाइट स्टे की सुविधा उपलब्ध है:

ढिकाला, सर्पदुली, गैरल, सुल्तान, बिजरानी, झिरना, गर्जिया, सोनानदी, दुर्गा देवी, पाखरो, मुंडिया पानी, तराई पश्चिमी का फाटो जोन

रामनगर वन प्रभाग के सितावनी, पवलगढ़ और कॉर्बेट हेरिटेज सफारी जोन

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