देहरादून

प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने सुब्रोस लिमिटेड के साथ की साझेदारी

देहरादून,
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने प्रशिक्षण महानिदेशालय के माध्यम से भारत की अग्रणी थर्मल सोल्युशप्स कंपनी सुब्रोस लिमिटेड के साथ एक फ्लेक्सी-एमओयू को औपचारिक रूप दिया। कार्यक्रम का आयोजन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) की मौजूदगी में हुआ। यह एमओयू ऑटोमोटिव सेक्टर में उद्योग-उन्मुख कौशल को बढ़ावा देगा।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य युवाओं को ऑटोमोटिव एयर-कंडीशन मैनुफैक्चरिंग ट्रेड में उद्योग-उन्मुख कौशल प्रदान करना, उनकी रोज़गार क्षमता बढ़ाना तथा ऑटोमोटिव एवं मैनुफैक्चरिंग सेक्टरों में कार्यबल की कमी को दूर करना है। समझौता ज्ञापन के तहत सुब्रोस लिमिटेड इंडस्ट्री ट्रेनिंग पार्टनर की भूमिका निभाएगा, यह कौशल की खामियों को पहचान कर उसी को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार करेगा तथा प्रशिक्षण के लिए ज़रूरी सुविधाएं जैसे क्लासरूम, कार्यशालाअें एवं उपकरणों के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसके अलावा सुब्रोस लिमिटेड प्रशिक्षण पाने वाले उम्मीदवारों के चयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं डीजीटी (प्रशिक्षण महानिदेशालय) उम्मीदवारों का मूल्यांकन कर उन्हें सर्टिफिकेशन प्रदान करेगा। सुब्रोस लिमिटेड कम से कम 50 फीसदी सफल उम्मीदवारों को नौकरियों के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। इस तरह युवाओं को ‘लर्न एण्ड अर्न’ दृष्टिकोण के तहत ऑटोमोबाइल एवं मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में कौशल पाने के अवसर मिलेंगे। वे थ्योरी के साथ-साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग भी पा सकेंगे, जिससे उनकी रोज़गार क्षमता बढ़ेगी।
इस अवसर पर जयंत चौधरी, राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), कौशल विकास एवं उमिता मंत्रालय तथा राज्य मंत्री, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, इनोवेशन्स एवं कुशल कार्यबल के चलते भारत ऑटोमोबाइल एवं मैनुफैक्चरिंग के ग्लोबल हब के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत बना रहा है। इसी क्रम में एमएसडीई ने डीजीटी के माध्यम से सुब्रोस लिमिटेड के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत हमारे युवाओं को भविष्य के लिए ज़रूरी कौशल प्रदान किया जाएगा। यह साझेदारी उन्हें ऑटोमोबाइल एयर-कंडीशनिंग में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच इस तरह की साझेदारियों के माध्यम से हम कौशल के अंतराल को दूर करना चाहते हैं, साथ ही ऐसे कार्यबल का निर्माण करना चाहते हैं जो उद्योग जगत में आ रहे बदलाव के अनुसार हमेशा तैयार रहें। भारत स्मार्ट मैनुफैक्चरिंग एवं सस्टेनेबल मोबिलिटी की ओर अग्रसर है, ऐसे में यह पहल कौशल की दिशा में हमारे प्रयासों को बढ़ावा देगी तथा विश्वस्तरीय मंच पर हमारी स्थिति को मजबूत बनाएगी।

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