देहरादून

भाजपा नेता ने शिक्षा सचिव से पत्र के माध्यम से किये सवाल

देहरादून। भाजपा नेता एवं समाजसेवी सचिन गुप्ता ने उत्तराखंड शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को लेकर चल रही मनमर्जी के खिलाफ चल रहे जनाक्रोश के समाधान व शिक्षा विभाग द्वारा हर तीन वर्ष में स्कूलों को 10 प्रतिशत फीस वृद्धि करने की खुली लूट की छूट की कड़ी निंदा करते हुए कुछ सवाल शिक्षा विभाग पर दागे है।

उन्होंने कहा कि हर तीन साल में 10 प्रतिशत फीस वृद्धि करने की छूट विद्यालयों को किस नियम के अंतर्गत दी जा रही है और क्या विद्यालय संचालकों द्वारा हर तीन वर्ष में अपने विद्यालयों के शिक्षक गणों की तनख्वाह वृद्धि भी 10 प्रतिशत की दर से करेंगें और क्या विद्यालय संचालकों द्वारा नगर निगम टैक्स, विद्युत बिल,जल कर, आदि सरकारी भुगतान भी हर तीन वर्षो में 10 प्रतिशत की दरों से बढ़ाकर सरकार को करेंगे। उन्होंने कहा कि क्या सरकारी विद्यालयों के जीर्णोद्धार हेतु विभाग हर तीन वर्षो में 10 प्रतिशत बढ़ाकर देता है।

उन्होंने कहा कि क्या सरकारी शिक्षक गणों को भी हर तीन वर्षो में 10 प्रतिशत वेतन बढ़ाकर दिया जाता है और उन्होंने कहा कि क्या गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए हर तीन वर्षो में त्ज्म् के 10 प्रतिशत अतिरिक्त दाखिले कराए जायेंगें। उन्होंने कहा कि क्या शिक्षा विभाग इस बात को लिखित प्रमाणित कर सकता है कि एक मध्यम परिवार की आय हर तीन वर्षो में 10 प्रतिशत की दर से बढ़ती है और यदि उपरोक्त बिंदुओं पर निजी विद्यालय या शिक्षा विभाग पूरी नहीं करता है तो किस लिए हर तीन वर्ष में इनको 10 प्रतिशत फीस बढ़ाकर दी जाये।

इस अवसर पर भाजपा नेता व समाजसेवी सचिन गुप्ता ने शिक्षा सचिव को यह भी अवगत कराया की सभी बड़े विद्यालयों में पहले से ही इतनी अधिक फीस ली जा रही है कि गरीब परिवार का बच्चा तो वहां पढ़ने की सोच भी नहीं सकता और मध्यम परिवार का बच्चा जो आज किसी तरह दस तरह की अपने खर्चों में कटौती कर अपने बच्चों को पढ़ा रहा है वो भी शिक्षा विभाग के विद्यालयों की मनमर्जी को देखकर भी आंख बंद करने के कारण भविष्य में नहीं पढ़ा पायेगा।

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