138 बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम से मुक्त कराया
जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्रैमासिक बैठक में दी सख्त दिशा-निर्देश, इंटेंसिव केयर सेंटर और मिशन वात्सल्य को किया सक्रिय

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला बाल संरक्षण इकाई देहरादून की जिला बाल कल्याण और संरक्षण समिति तथा बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बालगृहों में रह रहे बच्चों के कल्याण, आधार अपडेशन, स्वास्थ्य जांच और शिक्षा-संबंधी पहल पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी बंसल ने निर्देश दिए कि बालगृहों में निवासरत बच्चों के आधार कार्ड का अपडेट और नए आधार बनवाने के लिए ई-डिस्ट्रीक्ट मेनेजर नियमित शिड्यूल तैयार करें। उन्होंने पुलिस को बालगृहों में तैनात कार्मिकों का थानेवार रैंडम सत्यापन कराने तथा अपर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को 10 दिन के भीतर सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में आरबीएसके टीम के माध्यम से स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की प्रेरणा से स्थापित इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को संगीत, योग, खेल और अन्य गतिविधियों के जरिए शिक्षा की ओर मोड़ा जा रहा है। अब तक दो चरणों में कुल 82 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है, जबकि साधूराम इंटर कॉलेज में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि जुलाई से सितंबर 2025 तक 136 बच्चों के संरक्षण के लिए केस प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 138 बच्चों को मुक्त कराया गया। इसमें भिक्षावृत्ति में संलिप्त 70 और बाल श्रम में लिप्त 14 बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जबकि अन्य राज्यों के 6 बच्चों को उनके परिवारों के पास भेजा गया।
जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति और बाल श्रम में लिप्त बच्चों को रेस्क्यू करने हेतु विशेष अंतरविभागीय टीम और तीन रेस्क्यू वाहन तैनात किए हैं। टीम में होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस और एनजीओ शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने वार्ड और ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने, मिशन वात्सल्य गाइडलाइन के तहत ब्लॉक/नगरपालिकाओं में 5 प्रतिशत अनटाइड अनुदान बच्चों के कल्याण में खर्च करने और अनपंजीकृत संस्थाओं को जेजे एक्ट के तहत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बालगृहों में निवासरत अनाथ बच्चों के अनाथ प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड बनवाने में आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा हुई। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, अनाथ, परित्यक्त, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह और नशे से जुड़े मामलों की जानकारी साझा की गई।
जिलाधिकारी ने दिव्यांग बालकों के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय आमवाला में विशेष शिक्षक की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष नमिता ममगांई, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर और विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस बैठक ने बच्चों के कल्याण और सुरक्षा के क्षेत्र में जिला प्रशासन की सक्रियता और सकारात्मक पहल को एक बार फिर रेखांकित किया।



