जौनसार-बावर की संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर, इसके संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून/नागथात। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी Kedar Singh स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने, यमुना नदी पर 60 मीटर स्पान पुल निर्माण, विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं विस्तार, पेयजल योजनाओं तथा क्षेत्रीय संपर्क मार्गों को विकसित किए जाने की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने श्री महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मेहनतकश और स्वाभिमानी जनता तथा समृद्ध लोक संस्कृति के लिए पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी लोक परंपराएं केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं से जनजातीय समुदायों को नई ताकत मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और खेल प्रतिभाओं को नया मंच प्रदान किया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर वहां सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं बाजपुर और चकराता में नए विद्यालयों का निर्माण कार्य भी जारी है। सरकार प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है तथा प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है तथा जनजातीय शोध संस्थान के लिए एक करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि चकराता क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष योजनाओं को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र में भविष्य में पेयजल संकट नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।



