लोक सभा चुनाव 2024 में हुए कम मतदान से बीजेपी और कांग्रेस की उड़ाई नींद

देहरादून,
लोकसभा चुनाव 2024 में सभी पांच लोकसभा सीटों पर हुए कम मतदान के बाद बीजेपी प्रत्याशी और नेताओ का सुख और चैन छीन लिया हैं,लेकिन प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बीजेपी कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि कांग्रेस के समर्थको की सुस्ती और उनके कार्यकर्ताओ के उत्साह की कमी के कारण प्रदेश में मतदान प्रतिशत कम हुआ है।
लोक सभा चुनाव में इस बार 55.89%मतदाताओं ने अपना मतदान किया जो की बीजेपी कांग्रेस दोनो के लिए अच्छे संकेत नहीं हे,लेकिन बीजेपी का कहना है की जो मतदान हुआ है उसका लगभग 75% मतदाताओं का मतदान बीजेपी के पक्ष में हुआ है।
परंतु 2024के लोक सभा चुनाव में पूर्व से ही अबकी हो रहे लोक सभा चुनाव में किसी तरह का उत्साह देखने को नही मिला ,बीजेपी की रैलियों में भी पार्टी कार्यकता का चुनाव को लेकर उत्साह देखने को नही मिला,जिसका असर 19 अप्रैल को हुए मतदान से साबित हो रहा है।
बीजेपी के स्टार प्रचार को की रैली में भी इस तरह का नजारा देखने को मिला चाहे वह मोदी की रली हो, जेपी नड्डा वीके जोशी और अन्य नेताओं की रैली में स्थानीय मुद्दों को लेकर उत्तराखंड की जनता में रोश देखने को मिला चाहे वह भ्रष्टाचार का मुद्दा हो चाहे बेरोजगारी का मुद्दा हो, इस बार चुनाव को प्रदेश के मुद्दों ने प्रभावित किया, जिसका असर मतदान प्रतिशत पर दिखाई दिया वहीं हम बात करें उत्तराखंड के कई गांव में चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया गया, इसके चलते बीजेपी की मुश्किलें आगामी परिणाम पर पड़ सकता है, बीजेपी कम मतदान का जिम्मेदार कांग्रेस को बता रही है, जबकि प्रदेश की जनता प्रदेश में अंकित हत्याकांड, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जनता का रोश साफ दिखाई दे रहा है।
बीजेपी की टिहरी सीट पर अब त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है ,वही हम बात करें गढ़वाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी और कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल में सीधी टक्कर देखने को मिल रही है ,परंतु अनिल बलूनी का गढ़वाल सीट पर काफी विद्रोह देखने को मिला, क्षेत्र के विकास को लेकर भी लोगों का कहना है कि आज तक बलूनी ने क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नही किया है,जो कि अनिल बलूनी के लिए अच्छे संकेत नहीं है।वही हम बात करें हरिद्वार लोक सभा सीट की तो यहां पर जहा हरीश रावत बीजेपी के पक्ष में बयान बाजी करते हुए नजर आए। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार भी वहा पर एक तीसरे विकल्प में सामने आ रहे है।
लोक सभा चुनाव में मोदी फैक्टर का असर भी लोगो पर इस बार नही हुआ,अब तो यह 4 जून को ही तय होगा की जनता किसके सर पर ताज पहनाती है।

