देहरादून

उत्तराखंड स्थापना की रजत जयंती पर गूंजा वंदे मातरम

राज्यपाल ने ली परेड की सलामी, सीएम धामी ने की 11 बड़ी घोषणाएं

उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर शुक्रवार को पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में देशभक्ति और गर्व का माहौल छा गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने रैतिक परेड की सलामी ली, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की 25 वर्ष की गौरवगाथा को याद करते हुए विकास की नई घोषणाएं कीं।
समारोह की शुरुआत वंदे मातरम गीत के साथ हुई, जिसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेषहर जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक की स्थापना व बच्चों की मुफ्त डायबिटीज स्क्रीनिंग। कार्यक्रम रखा गया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से ‘
उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025 का विमोचन किया और रजत जयंती पदक का प्रतीकात्मक अनावरण किया।
रजत जयंती समारोह में इस वर्ष उत्तराखंड गौरव सम्मान-2025 निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा, उद्यमी देव रतूड़ी, अभिनेता व लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली और लेखक स्व. शैलेश मटियानी को प्रदान किया गया। अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके परिजनों ने ग्रहण किया।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने 25 वर्ष की राज्य यात्रा को गौरवशाली बताते हुए कहा कि उत्तराखंड ने विकास, विज्ञान और संस्कृति के संगम से नई पहचान बनाई है। उन्होंने युवाओं से तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा, हमें वही वस्तुएं खरीदनी चाहिए जिनमें हमारे लोगों का परिश्रम निहित हो और जो मेड इन इंडिया हों। यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सबसे बड़ा मंत्र है।
उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं का योगदान राज्य की रीढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना कर देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य ने 12.69 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट दर्ज की है, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार गाँव जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है, जबकि उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।
राज्यपाल ने पुलिस की अनुशासन, दक्षता और तकनीकी क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि ड्रग्स-फ्री उत्तराखंड और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है। मोटरसाइकिल दल द्वारा किया गया साहसिक प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ समेत शासन, पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी की 11 अहम घोषणाएं

प्रदेश की सम्पूर्ण कृषि भूमि का 5 वर्षों में फेजवाइज सर्वेक्षण और बन्दोबस्त।

स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए।

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भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष की स्थापना।

कृषि फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी।

पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु विशेष संवर्धन योजना।

उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्स और ऑनलाइन कोचिंग सुविधा।

केदारखण्ड माला मिशन की शुरुआत।

आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास।

शारदा कॉरीडोर और अंजनीसैण-बेलाकेदार क्षेत्र को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित करना।

हर जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक की स्थापना व बच्चों की मुफ्त डायबिटीज स्क्रीनिंग।

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