देहरादून

जल्द जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम : सीएम धामी

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूर्ण होने पर दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम

देहरादून। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तराखंड सैनिक कल्याण विभाग की ओर से देहरादून स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना के जवानों के साहस, समर्पण और वीरता को नमन करते हुए कहा कि आज भारत की सेना आत्मनिर्भर बन चुकी है और दुनिया के सामने अपनी ताकत का परिचय दे रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्य धाम को जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में आतंकियों ने धर्म और जाति पूछकर 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी।
उन्होंने कहा कि इस कायराना हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन 7 मई की रात 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू हुआ था और मात्र 25 मिनट के भीतर रात 1 बजकर 30 मिनट तक आतंकियों के नौ बड़े ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया था। सीएम धामी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमता, रणनीतिक ताकत और सैनिकों के अदम्य साहस का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से जिस समन्वय और शौर्य का प्रदर्शन किया, उसने पूरी दुनिया को भारत की शक्ति का एहसास कराया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और यही कारण है कि आज कोई भी दुश्मन भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं की सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई के चलते पाकिस्तान चार दिनों के भीतर घुटनों पर आने को मजबूर हो गया था।
उन्होंने कहा, “जिन आतंकवादियों ने पाकिस्तान की सरपरस्ती में हमारी बहन-बेटियों के सिंदूर के साथ अमानवीय व्यवहार किया, उन्हें करारा जवाब देने के साथ ही भारत ने आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करने का काम किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सेना अब केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी है। सीएम धामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत बड़े-बड़े रक्षा उपकरण स्वयं तैयार कर रहा है और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों की आपूर्ति कर रहा है और रक्षा निर्यात के मामले में विश्व के प्रमुख देशों की सूची में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद से सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने का कार्य किया गया है। साथ ही सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री लगातार सेना के बीच पहुंचते रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्य धाम का कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर सैनिकों और शहीदों के सम्मान का प्रतीक बनेगा। यह आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, बलिदान और वीरता की प्रेरणा देने का कार्य करेगा। दून सैनिक इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सेना के शौर्य और बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, भारतीय सेना की वीरता और देश की रक्षा क्षमता को लेकर विभिन्न प्रस्तुतियां भी दी गईं। मुख्यमंत्री ने सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को देश के लिए अमूल्य बताते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।

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