युवा आयोग सर्वांगीण विकास का एक मंच, राजनीति से बाज आये कांग्रेस: चौहान
पहाड़ मे उधोग लगाने की योजना से पलायन से निपटना सरकार की मंशा

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि राज्य मे युवा आयोग का गठन युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक मंच है और कांग्रेस युवाओं के मुद्दे पर राजनीति से बाज आये।
कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि आयोग युवाओं की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने का एक स्थायी मंच होगा। सरकार ने युवाओं के भविष्य और प्रदेश के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है। यह आयोग युवाओं की समस्याओं, सुझावों और प्राथमिकताओं को सरकार तक पहुंचाने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा और क्षमता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा। पहली बार युवाओं की आवाज को संस्थागत मंच देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
चौहान ने कहा कि भाजपा की सोच स्पष्ट है कि पलायन का समाधान पहाड़ों में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करके किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा में तीन नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसरों में प्राथमिकता मिलेगी, जिससे पहाड़ों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के तहत सरकारी स्कूलों की 11वीं और 12वीं कक्षा के 10 हजार मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए ₹7 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी बेहतर तैयारी और बड़े सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। युवाओं को केवल नौकरी के अवसरों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के तहत IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण तथा नया उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। यानी प्रशिक्षण से लेकर कारोबार शुरू करने तक सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि आंकड़े इस बात को स्पष्ट करते हैं कि धामी सरकार मे 50 हजार के लगभग सरकारी नौकरी और लाखों युवा और आम जन स्वरोजगार की योजनाओं से लाभांवित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए कड़ा नकल कानून बना तो युवाओं की मांग पर सरकार ने भर्ती घोटालों की कड़ी जांच कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा।
चौहान ने कहा कि पहाड़ की बेटी
अंकिता भंडारी जैसी संवेदनशील घटना को राजनीतिक आरोपों का माध्यम बनाना कांग्रेस की अवसरवादी राजनीति को दर्शाता है। कांग्रेस को भावनात्मक बयानबाजी के बजाय यह बताना चाहिए कि मामले में अब तक हुई कानूनी और न्यायिक कार्रवाई के बाद वह नया क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शुरुआत से ही अंकिता के परिवार के साथ खड़े रहे और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया। जब परिवार ने CBI जांच की मांग की, तो राज्य सरकार ने उसे नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि CBI जांच की सिफारिश कर परिवार की चिंता को जांच के दायरे में लाने का निर्णय लिया। यह सरकार की संवेदनशीलता और पारदर्शिता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा युवाओं पर राजनीति कर कांग्रेस को कुछ हासिल नही होने वाला है। वहीं अंकिता प्रकरण पर अवसरवादी राजनीति कर वह मुँह की खा चुकी है। कांग्रेस आरोप और दुष्प्रचार के जरिये सत्ता का जो ख्वाब बुन रही है वह साकार नही होने वाला है।



