जिला प्रशासन की अभिनव पहल,जल्द जुड़ेंगे 6 अतिरिक्त ईवी वाहन
दौड़ने लगी सखी कैब: ऑटोमेटेड पार्किंग में सुविधाएँ बढ़ीं

शहर में बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग की कमी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल की है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शहर में तीन नई ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण कराया गया है और अब इन पार्किंग सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाने के लिए ‘सखी कैब’ शटल सेवा चालू कर दी गई है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को 2 नए ईवी वाहन (टाटा पंच) आवंटित किए गए हैं। ये वाहन पार्किंग में वाहन डालने वाले नागरिकों को नजदीकी व्यस्त स्थानों तक निःशुल्क शटल सेवा देंगे। इसके अलावा, 6 अतिरिक्त ईवी वाहन जल्द ही इस बेड़े में जुड़ेंगे। प्रशासन का कहना है कि ये वाहन पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में संचालित होंगे।
सखी कैब सेवा के तहत पल्टन बाजार, राजपुर रोड और सचिवालय रूट के लिए ड्रॉप एंड पिकअप प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा, शहर में पांच अलग-अलग स्थानों पर वाहन स्टॉप भी तैयार किए गए हैं। अब नागरिक आसानी से पार्किंग करके भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में आसानी से पहुँच सकेंगे।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने बताया कि शहर में जाम से निजात दिलाने और पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए परेड ग्राउंड (111 वाहन क्षमता), तिब्बती मार्केट (132 वाहन क्षमता) और कोरोनेशन (18 वाहन क्षमता) में कुल 261 वाहन क्षमता वाली पार्किंग तैयार की गई है। ये पार्किंग जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा आम जनता को समर्पित की जाएंगी।
साथ ही, प्रशासन ने अनाधिकृत रूप से सड़क पर खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले महीने से एक डेडिकेटेड क्रेन भी स्थापित किया गया है। अब घंटाघर, सुभाष रोड, गांधीपार्क और परेड ग्राउंड के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में फ्री सखी कैब सेवा उपलब्ध होगी।
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पार्किंग की सुविधा देना ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और शहर में सुगम यातायात सुनिश्चित करना भी है। जिला प्रशासन का कहना है कि लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या और अपर्याप्त पार्किंग की समस्या का यह एक ठोस समाधान है।



