देहरादून

विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम : डॉ. धन सिंह रावत

छात्रों का डाटा रहे सुरक्षित रखने के निर्देश

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को छात्र-छात्राओं के डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) एक्ट के प्रावधानों का भी प्रभावी ढंग से पालन करना होगा।

अपने शासकीय आवास पर आयोजित राज्य विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने कुलपतियों को विश्वविद्यालयों के वेब एप्लिकेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डाटा प्रबंधन प्रणाली को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में डाटा सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, ऐसे में विश्वविद्यालयों को साइबर हमलों और डाटा लीक की संभावनाओं को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तंत्र विकसित करना होगा।

डॉ. रावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के तहत साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और ऑनलाइन धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रावधान किए गए हैं। विश्वविद्यालयों को भी इन मानकों का पालन करते हुए छात्रों और संस्थानों से संबंधित डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

बैठक में विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गए गांवों की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा प्रत्येक विश्वविद्यालय से 20-20 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन छात्रों को राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि “एक विश्वविद्यालय एक शोध” योजना के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों को अपने शोध कार्यों का पांच-पांच मिनट का प्रस्तुतिकरण तैयार करना होगा। इन प्रस्तुतियों का प्रदर्शन राजभवन में कुलाधिपति के समक्ष किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालयों में हो रहे नवाचार और शोध कार्यों को व्यापक पहचान मिल सके।

बैठक में संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से हरिद्वार में देशभर के संस्कृत विश्वविद्यालयों की कार्यशाला आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इस कार्यशाला में संस्कृत भाषा और उससे जुड़े शोध कार्यों पर विचार-विमर्श होगा।

समीक्षा बैठक के दौरान आगामी छात्रसंघ चुनावों में 50 प्रतिशत पद छात्राओं के लिए आरक्षित रखने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इसे छात्राओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने साइबर सुरक्षा, परीक्षा संचालन और भविष्य की चुनौतियों को लेकर अपने-अपने विश्वविद्यालयों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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