शहीद केसरी चंद की जयंती पर कैबिनेट मंत्री जोशी ने दी श्रद्धांजलि

गांधी पार्क में आज शनिवार को आजाद हिंद फौज के वीर सपूत और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक शहीद केसरी चंद की 106वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर वीर केसरी चंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मंत्री जोशी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में वीर केसरी चंद का बलिदान सदैव याद किया जाएगा। बहुत कम उम्र में उन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने बताया कि देहरादून जनपद के जौनसार-बावर क्षेत्र के क्यावा गांव में 1 नवम्बर 1920 को वीर केसरी चंद का जन्म हुआ था।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आजाद हिंद फौज की ओर से लड़ते हुए वीर केसरी चंद को ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें ब्रिटिश शासन के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के आरोप में आर्मी एक्ट की धारा 41 के तहत मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। 3 मई 1945 को मात्र 24 वर्ष 6 माह की आयु में उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया।
मंत्री जोशी ने कहा कि वीर केसरी चंद की शौर्यगाथा देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्तराखंड की धरती सदैव वीरों और बलिदानियों की रही है। प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध से लेकर आजादी की लड़ाई तक, उत्तराखंड के वीरों ने अपने पराक्रम और त्याग से देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि 1962 और 1971 के युद्ध, गलवान घाटी की घटना और ताज होटल आतंकी हमले जैसी परिस्थितियों में भी उत्तराखंड के सपूतों ने अपनी वीरता का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि वीर केसरी चंद जैसे महानायकों का बलिदान सदा राष्ट्र को प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर अमित पांडे, राजेश चौहान, अमित जोशी, जयवीर चौहान, सतपाल चौहान, रविंद्र भंडारी, सरदार चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



