एसआईटी जांच जारी, ज़रूरत पड़ी तो सीबीआई जांच से भी पीछे नहीं हटेगी सरकार: धामी
राज्य के छात्रों को न्याय दिलाना मेरी जिम्मेदारी

उत्तराखंड में हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामले ने पूरे राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस गंभीर प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए कहा,
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस मामले को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और एसआईटी द्वारा गहन जांच करवाई जा रही है। यदि आवश्यकता हुई, तो सीबीआई जांच से भी परहेज़ नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट सवाल उठाया कि जब प्रश्न पत्र लीक हुआ, तो वह केवल कुछ खास लोगों तक ही क्यों पहुंचा?
उन्होंने कहा जिन लोगों तक प्रश्नपत्र पहुंचा, उनकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी थी कि वे इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देते। लेकिन ऐसा न कर उन्होंने अपराध को बढ़ावा दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी दलों और अन्य आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग छात्रों के कंधों पर अपनी राजनीति चमकाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक को लेकर प्रचार और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे छात्रों में भ्रम और अविश्वास का माहौल पैदा हुआ है।
सीएम धामी ने दोहराया कि उत्तराखंड में नकल विरोधी सख्त कानून उन्हीं की सरकार ने लागू किया है। हमारे कार्यकाल में ही ऐसा कानून बना, जिसमें दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का प्रावधान है। हम किसी भी कीमत पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि यदि एसआईटी की जांच से संतोषजनक नतीजे नहीं आते, या कोई बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो सीबीआई जांच कराना भी विकल्प में है।
उन्होंने जनता से अपील की कि बिना पूरी जांच के निष्कर्ष पर न पहुंचे। एसआईटी को अपना काम करने दें, और दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। बता दें कि 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी की परीक्षा के दौरान हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर आ गए थे। विशेष बात यह रही कि परीक्षा शुरू होने के महज 35 मिनट बाद ही यह प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस प्रकरण ने राज्य के लाखों युवाओं को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट रुख और प्रतिबद्धता से छात्र वर्ग में कुछ हद तक भरोसा लौटा है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर हैं, जो इस पूरे मामले की सच्चाई को उजागर करेगी।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र की सीबीआई मांग पर धामी का जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा मामले में सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दे पर गैर-गंभीर बयान नहीं दिए जाने चाहिए। हम इस मामले को राजनीति की बजाय न्याय के नजरिए से देख रहे हैं।



